53.47 लाख करोड़ का बजट पेश, एक सेक्टर को मिला 32 लाख करोड़ का हिस्सा; जानिए 2026-27 का पूरा वित्तीय खाका

02 फरवरी 2026 फैक्ट रिकॉर्डर

Business Desk: केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने रविवार को वित्त वर्ष 2026-27 के लिए 53.47 लाख करोड़ रुपये का बजट पेश किया। यह चालू वित्त वर्ष 2025-26 के संशोधित अनुमान 49.64 लाख करोड़ रुपये के मुकाबले 7.7 प्रतिशत अधिक है। बजट में सरकार ने विकास और सामाजिक जरूरतों के बीच संतुलन साधते हुए एक प्रमुख सेक्टर के लिए करीब 32 लाख करोड़ रुपये का प्रावधान किया है।

सरकार का अनुमान है कि वित्त वर्ष 2026-27 में कुल व्यय 53.5 लाख करोड़ रुपये रहेगा, जबकि गैर-ऋण प्राप्तियां 36.5 लाख करोड़ रुपये तक पहुंच सकती हैं। केंद्र सरकार की शुद्ध कर प्राप्तियां 28.7 लाख करोड़ रुपये रहने का अनुमान है। राजकोषीय घाटे की भरपाई के लिए दिनांकित प्रतिभूतियों के जरिए 11.7 लाख करोड़ रुपये का शुद्ध बाजार कर्ज लिया जाएगा, जबकि शेष राशि लघु बचत और अन्य स्रोतों से जुटाई जाएगी। कुल सकल बाजार उधार 17.2 लाख करोड़ रुपये रहने का अनुमान है।

वित्त मंत्री ने बताया कि सरकार चालू वित्त वर्ष में जीडीपी के 4.4 प्रतिशत के राजकोषीय घाटे के लक्ष्य को हासिल करेगी। वहीं, वित्त वर्ष 2026-27 में राजकोषीय घाटा जीडीपी का 4.3 प्रतिशत या 16.95 लाख करोड़ रुपये रहने का अनुमान है।

बजट दस्तावेजों के मुताबिक, वित्त वर्ष 2026-27 में देश की जीडीपी 393 लाख करोड़ रुपये रहने का अनुमान है, जो राष्ट्रीय सांख्यिकी कार्यालय (NSO) द्वारा जारी 2025-26 के अग्रिम अनुमान 357.14 लाख करोड़ रुपये से करीब 10 प्रतिशत अधिक है।

सीतारमण ने कहा कि सरकार सामाजिक जरूरतों से समझौता किए बिना राजकोषीय अनुशासन बनाए रखने के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने दोहराया कि केंद्र सरकार 2030-31 तक ऋण-से-जीडीपी अनुपात को 50 प्रतिशत (±1 प्रतिशत) के दायरे में लाने के लक्ष्य पर काम कर रही है।

वहीं, 2025-26 के संशोधित अनुमानों के अनुसार, गैर-ऋण प्राप्तियां 34 लाख करोड़ रुपये आंकी गई हैं, जिनमें केंद्र की शुद्ध कर प्राप्तियां 26.7 लाख करोड़ रुपये हैं। चालू वित्त वर्ष में कुल व्यय 49.6 लाख करोड़ रुपये रहने का अनुमान है, जिसमें से पूंजीगत व्यय करीब 11 लाख करोड़ रुपये होगा।