महेंद्रगढ़ में श्री कृष्ण जन्म भूमि मुक्ति आंदोलन यात्रा पहुंची: लोगों से चर्चा की, 4 मार्च को द्वारिका से चली, 23 मार्च को मथुरा में – Mahendragarh News

आचार्य राजेश्वर कृष्ण जन्मभूमि के बारे में बताते हुए

हरियाणा के महेंद्रगढ़ में बुधवार देर शाम श्री कृष्ण जन्मभूमि मुक्ति आंदोलन यात्रा महेंद्रगढ़ की राव तुलाराम चौक पर पहुंची। वहां पर शहर के गणमान्य लोग ने यात्रा में आएं लोगों का स्वागत किया। उसके बाद आचार्य के द्वारा शहर के लोगों से श्री कृष्ण जन्मभूम

यात्रा गुरुवार को सुबह नारनौल के लिए प्रस्थान करेंगी। यात्रा का शुभारंभ 4 मार्च को द्वारिका से हुआ था। 20 दिन की इस यात्रा का 23 मार्च को मथुरा में पहला पड़ाव होगा। पहले पड़ाव पर मथुरा में ही छोटी जनसभा और संत सम्मेलन किया जाएगा।

राष्ट्रीय अध्यक्ष संयुक्त भारतीय धर्म संसद आचार्य राजेश्वर ने बताया कि संयुक्त भारतीय धर्म संसद के तत्वाधान में एवं मेहंदीपुर बालाजी के महंत डॉ नरेश पुरी के सानिध्य में पिछले 1 वर्ष से हम लोगों ने श्री कृष्ण जन्म भूमि मुक्ति आंदोलन चला रखा है। उसकी के अंतर्गत द्वारिका से मथुरा की है यह पहली यात्रा है। ऐसी हम चार यात्राएं करेंगे द्वारिका से मथुरा, जगन्नाथ पुरी से मथुरा, रामेश्वरम से मथुरा व वैष्णो देवी से मथुरा यह चारों यात्राएं अलग-अलग समय पर मथुरा पहुंचेंगी । उसके बाद मथुरा से दिल्ली तक एक पैदल यात्रा निकाली जाएगी।

यात्रा निकालते हुए आचार्य राजेश्वर

यात्रा निकालते हुए आचार्य राजेश्वर

जिसका समापन अगले वर्ष मार्च 2026 के अंतिम सप्ताह में दिल्ली में समापन होगा। समापन अवसर पर दिल्ली में एक बड़ी जनसभा और संत सम्मेलन होगा। जिससे श्री कृष्ण जन्म भूमि मुक्ति के संबंध में जो हमारी मांगे हैं। श्री कृष्ण जन्मभूमि को अतिक्रमण मुक्त करने की जो हमारी इच्छा और प्रार्थना है वह पूर्ण हो। उसके लिए देश की सरकार को संदेश पहुंचाने के लिए यह कार्यक्रम दिल्ली में किया जाएगा। जन्मभूमि अतिक्रमण से मुक्त हो, भव्य दिव्य मंदिर का निर्माण हो, इस यात्रा व आंदोलन का उद्देश्य है। इस यात्रा के दौरान जनता का रुझान बहुत ही अच्छा मिल रहा है। विशेष रूप से अयोध्या में राम मंदिर का निर्माण हुआ है तब से सनातनी जगा हुआ है।

आचार्य राजेश्वर कृष्ण जन्मभूमि के बारे में बताते हुए

आचार्य राजेश्वर कृष्ण जन्मभूमि के बारे में बताते हुए

हम सभी को एकजुट होना पड़ेगा

आचार्य राजेश ने कहा कि हमारे बीच जो मतभेद है उसको मिटाकर जहां हमारी आस्था की बात आती हो, अस्मिता की बात आती हो वहां पर हमें एकजुट होना ही पड़ेगा। छोटे-छोटे झगड़ों को मिटाकर हिंदू की जहां बात आए,हम सबको हाथ एक साथ उठाना चाहिए की हां हम हिंदू हैं। सामने वाला यह नहीं देखा कि आप किस जाति व किस समाज से हो वह तो एकदम तलवार चला देता है। जिस दिन सभी लोग एक साथ खड़े होकर कहने लग जाएंगे कि नहीं हम सब हिंदू हैं। जब किसी की हिम्मत नहीं होगी हमारी तरफ कोई देख ले, यह हम मानते हैं कि हम लड़ाई करने वाले नहीं हैं। फिर भी हमें एकजुट होना पड़ेगा।

आचार्य राजेश्वर

आचार्य राजेश्वर

23 मार्च को यात्रा का पहला पड़ाव मथुरा में सनातनी अब चाहता है काशी और अयोध्या तो मिल गया है। काशी, मथुरा ही नहीं अब तो देश का भू-भाग पर जो हमारे आस्था के केंद्र, मंदिर है। जिनको कब्जा करके मस्जिद व और कोई चीजे बना दी हैं। वह सभी हमें मिले वहां पर हमें स्वामित्व पूजा का अधिकार मिले। आज हम महेंद्रगढ़ में पहुंचे हैं। 23 मार्च को इस पहली यात्रा का पड़ाव मथुरा में होगा। यह यात्रा 4 मार्च से द्वारिका से चली है 20 दिन की यह यात्रा है। पहले पड़ाव पर हम मथुरा में ही छोटी जनसभा और संत सम्मेलन करेंगे।