17 March 2025: Fact Recorder
पश्चिम बंगाल के जलपाईगुड़ी में एक स्कूल ने बच्चों की मानसिक समस्याओं को समझने के लिए खास पहल की। स्कूल में लगाए गए लेटरबॉक्स में बच्चों ने अपनी व्यक्तिगत परेशानियों को लिखा, जिससे कई चौंकाने वाले खुलासे हुए।
फणीन्द्र देब संस्थान के शिक्षकों ने बच्चों के मानसिक स्वास्थ्य पर ध्यान देने के लिए यह अनोखी पहल शुरू की थी। प्रधानाध्यापक ज़हरुल इस्लाम और शिक्षक अरिंदम भट्टाचार्य के प्रयासों से यह लेटरबॉक्स फरवरी में स्थापित किया गया था। इस स्कूल में 900 छात्र पढ़ते हैं।
12 मार्च को होली से ठीक पहले, लेटरबॉक्स खोला गया और उसमें लगभग 100 पत्र मिले। बच्चों ने इन पत्रों में अपनी निजी समस्याएं लिखीं, जिनमें कई चौंकाने वाली बातें सामने आईं। प्रमुख बात यह थी कि बच्चों ने स्कूल से जुड़ी कोई शिकायत नहीं की। शिक्षक ने बताया कि बच्चों ने अपनी घरेलू परेशानियों के बारे में लिखा, जैसे कि एक बच्चे ने लिखा, “मेरी मां मुझे सोने के लिए डांटती हैं,” जबकि दूसरे ने लिखा, “मेरे माता-पिता रोज़ लड़ते हैं, और मुझे घर वापस जाना पसंद नहीं है।”
अब स्कूल उन बच्चों की मदद करने के लिए एक टीम बना रहा है, जो मानसिक रूप से परेशान हैं, ताकि उनकी समस्याओं का समाधान किया जा सके।












