November 6,2026 Fact Recorder
Rashifal Desk: हिंदू धर्म में किसी भी शुभ कार्य, पूजा-पाठ, यात्रा और मांगलिक आयोजन से पहले पंचांग देखने की परंपरा है। पंचांग के माध्यम से तिथि, नक्षत्र, योग, करण और ग्रहों की स्थिति की जानकारी मिलती है। आज 5 नवंबर 2026, गुरुवार को कार्तिक मास के कृष्ण पक्ष की एकादशी तिथि सुबह 10 बजकर 35 मिनट तक रहेगी। इसके बाद द्वादशी तिथि आरंभ हो जाएगी। आज रमा एकादशी व्रत और गोवत्स द्वादशी का पर्व भी मनाया जा रहा है।
आइए जानते हैं आज के पंचांग के अनुसार शुभ मुहूर्त, अशुभ समय, राहुकाल और ग्रहों की स्थिति।
आज की तिथि और नक्षत्र
दिन: गुरुवार
माह: कार्तिक
पक्ष: कृष्ण पक्ष
एकादशी तिथि: सुबह 10:35 बजे तक
द्वादशी तिथि: सुबह 10:35 बजे से शुरू होकर 6 नवंबर सुबह 10:30 बजे तक
सूर्य नक्षत्र: स्वाति
ज्योतिषीय मान्यताओं के अनुसार, स्वाति नक्षत्र के अधिष्ठाता देवता पवन देव हैं और इसके स्वामी राहु माने जाते हैं। इस नक्षत्र में सूर्य की स्थिति स्वतंत्रता, आत्मनिर्भरता और पुरानी परिस्थितियों से बाहर निकलकर आगे बढ़ने की प्रेरणा से जुड़ी मानी जाती है।
आज के योग
आज सुबह 6 बजकर 26 मिनट तक इंद्र योग रहेगा। इसके बाद वैधृति योग शुरू हो जाएगा।
ज्योतिष शास्त्र में वैधृति को चुनौतीपूर्ण योग माना जाता है। मान्यता है कि इस दौरान व्यक्ति को मानसिक अस्थिरता, जल्दबाजी और निर्णय लेने में परेशानी हो सकती है। इसलिए इस समय किसी भी महत्वपूर्ण फैसले को सोच-समझकर लेना बेहतर माना जाता है।
आज का शुभ मुहूर्त
अभिजीत मुहूर्त: सुबह 11:48 बजे से दोपहर 12:32 बजे तक।
अभिजीत मुहूर्त को दिन का विशेष शुभ समय माना जाता है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, इस अवधि में पूजा-पाठ और शुभ कार्य करना फलदायी हो सकता है।
अमृतकाल: रात 8:35 बजे से 10:12 बजे तक।
अमृतकाल को शुभ और सकारात्मक समय माना जाता है। इस दौरान पूजा-पाठ, धार्मिक अनुष्ठान और महत्वपूर्ण कार्यों की योजना बनाना शुभ माना जाता है।
आज का अशुभ मुहूर्त
राहुकाल: दोपहर 1:33 बजे से 2:56 बजे तक।
यमगंड काल: सुबह 6:38 बजे से 8:01 बजे तक।
गुलिक काल: सुबह 9:24 बजे से 10:47 बजे तक।
ज्योतिषीय मान्यताओं के अनुसार, राहुकाल, यमगंड और गुलिक काल में नए शुभ कार्यों की शुरुआत करने से बचना चाहिए। हालांकि, पहले से चल रहे नियमित कार्य जारी रखे जा सकते हैं।
आज ग्रहों की स्थिति
सूर्य की स्थिति: आज सूर्य तुला राशि में विराजमान रहेंगे। ज्योतिष में तुला राशि को सूर्य की नीच राशि माना जाता है। मान्यता है कि इस स्थिति में आत्मविश्वास, नेतृत्व क्षमता और निर्णय लेने की शक्ति पर प्रभाव पड़ सकता है।
चंद्रमा की स्थिति: आज चंद्रमा कन्या राशि में रहेंगे। कन्या राशि का स्वामी बुध है। ज्योतिषीय मान्यता के अनुसार, इस स्थिति में व्यक्ति का झुकाव भावनाओं के बजाय तर्क, विश्लेषण और व्यावहारिक सोच की ओर अधिक हो सकता है।
आज का दिशाशूल
आज दिशाशूल दक्षिण दिशा में रहेगा। ज्योतिषीय मान्यताओं के अनुसार, गुरुवार को दक्षिण दिशा की यात्रा करना शुभ नहीं माना जाता। यदि इस दिशा में यात्रा करना जरूरी हो, तो परंपरा के अनुसार उचित उपाय करके यात्रा शुरू की जा सकती है।












