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प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का सपना किसान को पारदर्शी तरीके से हाथ में मिले उसकी पॉलिसी : श्री श्याम सिंह राणा

कृषि एवं किसान कल्याण मंत्री ने किसानों को वितरित की बीमा पॉलिसियां

 चंडीगढ़ , 15 अक्टूबर 2026 Fact Recorder

Haryana Desk:  हरियाणा के कृषि एवं किसान कल्याण मंत्री श्री श्याम सिंह राणा ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी की सोच है कि किसान को पारदर्शी तरीके से उसकी पॉलिसी उसके हाथ में मिले। इसी सोच के तहत “मेरी पॉलिसी मेरे हाथ” अभियान शुरू किया गया है। केंद्र सरकार और राज्य सरकार ने 15 अक्टूबर से 15 नवंबर तक पूरे भारत में एक महीने के लिए विशेष ड्राइव चलाई है। इस ड्राइव के तहत हर पात्र किसान को उसकी फसल की बीमा पॉलिसी उसके हाथ में दी जा रही है, ताकि किसान को यह पता चल सके कि उसकी फसल का बीमा हुआ है, उसकी प्रीमियम राशि क्या है और उसे क्लेम कैसे मिलेगा।

हरियाणा के कृषि एवं किसान कल्याण मंत्री श्याम सिंह राणा ने वीरवार को कुरुक्षेत्र जिला के शाहाबाद में कृषि एवं किसान कल्याण विभाग हरियाणा द्वारा प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना के अंतर्गत मेरी पॉलिसी मेरे हाथ राज्य स्तरीय समारोह मुख्य अतिथि के रूप में शिरकत की।

श्री श्याम सिंह राणा ने कार्यक्रम में मौजूद किसानों को प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना के तहत “मेरी पॉलिसी मेरे हाथ” अभियान की पॉलिसी देने के बाद कहा कि किसानों को सुरक्षित करने के लिए केंद्र सरकार और राज्य सरकार द्वारा विभिन्न कल्याणकारी योजनाएं चलाई जा रही हैं। उन्होंने मेरी फसल मेरा ब्यौरा पोर्टल के बारे में विस्तार से जानकारी दी और कहा कि हर किसान को अपना पंजीकरण इस पोर्टल पर जरूर करवाना चाहिए, ताकि सरकार की सभी योजनाओं का लाभ सीधे उसके खाते में पहुंच सके।

उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी का लक्ष्य है कि 2047 तक भारत को विकसित राष्ट्र बनाना है। भारत विकसित तभी होगा जब हमारा किसान विकसित होगा, हमारा मजदूर विकसित होगा, हमारा व्यापारी विकसित होगा और समाज का हर वर्ग विकसित होगा। जब हर वर्ग विकसित होगा, तभी 2047 तक भारत एक विकसित भारत बनेगा।

कार्यक्रम के दौरान श्री श्याम सिंह राणा ने सभी किसानों को “ना पराली जलाएंगे, ना जलाने देंगे” की शपथ भी दिलाई। उन्होंने कहा कि पराली जलाना पर्यावरण, जमीन और मानव स्वास्थ्य तीनों के लिए हानिकारक है। सरकार पराली प्रबंधन के लिए सब्सिडी पर मशीनें दे रही है, इसलिए किसानों को पराली को आग लगाने की बजाय उसका सही प्रबंधन करना चाहिए। उन्होंने खुशी जताई कि कुरुक्षेत्र जिले में अभी तक पराली जलाने की एक भी घटना सामने नहीं आई है, जो किसानों की जागरूकता को दर्शाता है।