September 19,2026 Fact Recorder
Business Desk: अमेरिकी टैरिफ और पश्चिम एशिया में जारी संघर्ष के बीच भारतीय अर्थव्यवस्था को लेकर मूडीज रेटिंग्स ने सकारात्मक अनुमान जताया है। रेटिंग एजेंसी ने वित्त वर्ष 2026-27 के लिए भारत की वास्तविक GDP वृद्धि का अनुमान 6 प्रतिशत से बढ़ाकर 7 प्रतिशत कर दिया है।
मूडीज के मुताबिक, निजी खपत में मजबूती, सरकारी स्तर पर बुनियादी ढांचे पर लगातार खर्च और सेवा क्षेत्र के बेहतर प्रदर्शन से आर्थिक विकास को समर्थन मिल रहा है। एजेंसी ने बताया कि 2026 के पहले छह महीनों में भारत की वास्तविक GDP वृद्धि सालाना आधार पर 8.2 प्रतिशत रही, जबकि पूरे कैलेंडर वर्ष 2025 में यह दर 7.3 प्रतिशत थी।
महंगाई का जोखिम बरकरार
हालांकि, मूडीज ने भारतीय अर्थव्यवस्था के सामने महंगाई से जुड़े जोखिमों को लेकर सावधान किया है। एजेंसी के अनुसार, यदि पश्चिम एशिया में संघर्ष लंबा खिंचता है तो ऊर्जा और कच्चे तेल की कीमतों में बढ़ोतरी हो सकती है। ऐसी स्थिति में चालू वित्त वर्ष की औसत महंगाई 4.8 प्रतिशत के अनुमान से ऊपर जा सकती है।
वित्त वर्ष 2025-26 में भारत की औसत महंगाई 2.4 प्रतिशत रही थी। इसके अलावा, मूडीज ने भारत पर लगातार ऊंचे कर्ज बोझ और ब्याज लागत को भी प्रमुख जोखिमों में शामिल किया है।
जेफरीज का 11-12% सांकेतिक GDP वृद्धि का अनुमान
वहीं, पूंजी बाजार फर्म जेफरीज ने भारत की सांकेतिक GDP वृद्धि को लेकर 11 से 12 प्रतिशत का अनुमान जताया है। रिपोर्ट के अनुसार, मजबूत घरेलू मांग, बैंक क्रेडिट में तेजी और आर्थिक गतिविधियों में सुधार से भारतीय अर्थव्यवस्था को गति मिल रही है।













