September 18,2026 Fact Recorder
National Desk : झारखंड स्टेट को-ऑपरेटिव बैंक से जुड़े बहुचर्चित घोटाला मामले में प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने शुक्रवार सुबह बड़ी कार्रवाई शुरू की। ED की अलग-अलग टीमों ने केंद्रीय सुरक्षा बलों के साथ झारखंड और ओडिशा में कुल सात ठिकानों पर एक साथ तलाशी अभियान चलाया। ये सभी ठिकाने सरायकेला के कारोबारी संजय कुमार डालमिया उर्फ पिंटू डालमिया और को-ऑपरेटिव बैंक के तत्कालीन अधिकारियों से जुड़े बताए जा रहे हैं।
तलाशी के दौरान ED की टीमें दस्तावेजों और अन्य संबंधित रिकॉर्ड की गहन जांच कर रही हैं। अधिकारियों की ओर से मामले से जुड़े वित्तीय लेन-देन और अन्य महत्वपूर्ण दस्तावेजों को खंगाला जा रहा है।
4.14 करोड़ रुपये की कथित फर्जी निकासी का मामला
जांच के अनुसार, कारोबारी संजय डालमिया ने बैंक के तत्कालीन अधिकारियों के साथ कथित मिलीभगत कर बैंक की विभिन्न शाखाओं से करीब 4 करोड़ 14 लाख 30 हजार रुपये अपने, अपने भाई और नौकर के खातों में ट्रांसफर कराए थे। यह लेन-देन जून 2017 में हुआ था। बताया गया है कि इस रकम का इस्तेमाल पुराने ऋण खाते को बंद करने के लिए भी किया गया।
इस मामले में 22 अगस्त 2019 को सरायकेला थाने में करीब 38 करोड़ रुपये के गबन को लेकर प्राथमिकी दर्ज की गई थी।
कई लोगों पर हो चुकी है कार्रवाई
मामले में कारोबारी संजय डालमिया के अलावा को-ऑपरेटिव बैंक के तत्कालीन एजीएम संदीप सेदन, शाखा प्रबंधक सुनील सतपति, कौशल कुमार सिन्हा और कर्मचारी मदन लाल प्रजापति के नाम सामने आए थे। इनके खिलाफ पहले भी कानूनी कार्रवाई की जा चुकी है।
ED ने प्रिवेंशन ऑफ मनी लॉन्ड्रिंग एक्ट (PMLA) के तहत ECIR दर्ज कर मामले की जांच शुरू की है। शुक्रवार को हुई छापेमारी को इसी जांच की कड़ी के तौर पर देखा जा रहा है। फिलहाल तलाशी अभियान जारी है और कार्रवाई पूरी होने के बाद ED की ओर से बरामद दस्तावेजों या अन्य सामग्री के संबंध में विस्तृत जानकारी सामने आ सकती है।












