September 02,2026 Fact Recorder
Education Desk: महाराष्ट्र लोकसेवा आयोग (MPSC) की ड्रग इंस्पेक्टर ग्रुप-B भर्ती परीक्षा पेपर लीक मामले में जांच लगातार आगे बढ़ रही है। मुंबई क्राइम ब्रांच ने मामले में सातवीं आरोपी ऋतुजा पाटिल को गिरफ्तार किया है। ऋतुजा ने परीक्षा की प्रोविजनल मेरिट लिस्ट में सातवीं रैंक हासिल की थी। पुलिस का आरोप है कि उसे परीक्षा से पहले कथित तौर पर लीक हुआ प्रश्नपत्र मिला था।
ऋतुजा को बुधवार को मुंबई की अदालत में पेश किया जाएगा। वहीं, जांच एजेंसी इस मामले में उससे जुड़े एक अन्य संदिग्ध से भी पूछताछ कर रही है।
परीक्षा से पहले मिला था कथित लीक पेपर
MPSC ने खाद्य एवं औषधि प्रशासन विभाग में ड्रग इंस्पेक्टर के पदों पर भर्ती के लिए 22 मार्च 2026 को स्क्रीनिंग परीक्षा आयोजित की थी। परीक्षा के बाद रिजल्ट जारी हुआ और सैकड़ों उम्मीदवारों को इंटरव्यू के लिए शॉर्टलिस्ट किया गया।
बाद में परीक्षा में गड़बड़ी और पेपर लीक की शिकायतें सामने आईं, जिसके बाद मुंबई क्राइम ब्रांच ने जांच शुरू की।
जांच में पुलिस का दावा है कि परीक्षा से पहले तैयार किए गए 294 गोपनीय सवालों के सेट में से 77 सवाल वास्तविक परीक्षा में पूछे गए थे। पुलिस के मुताबिक, ऋतुजा को यह सामग्री परीक्षा से दो दिन पहले यानी 20 मार्च को मिली थी।
91 सवाल किए सही, हासिल की सातवीं रैंक
जांच के अनुसार, ऋतुजा ने परीक्षा में 91 सवालों के सही जवाब दिए और प्रोविजनल मेरिट लिस्ट में सातवां स्थान हासिल किया।
पुलिस का दावा है कि उसे कथित तौर पर पहले से मिले प्रश्नों के बावजूद संदेह से बचने के लिए कुछ सवाल जानबूझकर गलत करने की सलाह दी गई थी। जांच एजेंसी कथित WhatsApp चैट और पैसों के लेन-देन से जुड़े डिजिटल सबूतों की भी पड़ताल कर रही है।
MPSC के अधिकारियों की भूमिका भी जांच के घेरे में
क्राइम ब्रांच की जांच में MPSC के तीन अधिकारियों की कथित भूमिका सामने आने की बात कही गई है। पुलिस के मुताबिक, आयोग के भीतर मौजूद गोपनीय प्रश्नों का सेट कथित तौर पर बाहर पहुंचा और इसके बाद कोचिंग संस्थान से जुड़े लोगों के जरिए यह सामग्री आगे भेजी गई।
जांच एजेंसी अब यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि प्रश्नपत्र कितने लोगों तक पहुंचा और इस पूरी प्रक्रिया में किस-किस की भूमिका थी।
अब तक 7 आरोपी गिरफ्तार
ऋतुजा पाटिल की गिरफ्तारी के बाद मामले में गिरफ्तार आरोपियों की संख्या सात हो गई है। इनमें MPSC के तीन अधिकारी और अन्य लोग शामिल हैं।
गिरफ्तार आरोपियों में गौरव उर्फ लोकेश पाटील, MPSC अधिकारी विश्वेश्वर नकाटे, उपसचिव अभिजीत लेंडवे, सहायक कक्ष अधिकारी गोपाल मराठे, कोचिंग संस्थान संचालक प्रवीण पाटील, अमृत पाटील और ऋतुजा पाटील शामिल बताए गए हैं।
पूर्व प्रेमी ने दी थी पेपर लीक की जानकारी?
मामले की जांच में ऋतुजा और उसके पूर्व प्रेमी गौरव पाटील की भूमिका भी महत्वपूर्ण बताई जा रही है। पुलिस के अनुसार, कथित तौर पर ऋतुजा को मिले सवाल गौरव तक भी पहुंचे थे।
बताया जा रहा है कि दोनों के बीच संबंध खराब होने के बाद गौरव ने MPSC को पेपर लीक की जानकारी दी। हालांकि, पुलिस अब उसकी भूमिका और इस जानकारी के पीछे के कथित मकसद की भी जांच कर रही है।
MPSC ने पूरी भर्ती प्रक्रिया की रद्द
पेपर लीक की शिकायतों और जांच के बाद MPSC ने ड्रग इंस्पेक्टर ग्रुप-B की पूरी भर्ती प्रक्रिया रद्द करने का फैसला लिया है। आयोग अब इस पद के लिए दोबारा परीक्षा आयोजित करेगा।
पहले आवेदन कर चुके उम्मीदवारों को दोबारा आवेदन करने की जरूरत नहीं होगी और उनसे पुनर्परीक्षा के लिए कोई शुल्क भी नहीं लिया जाएगा। नई परीक्षा की तारीख बाद में घोषित की जाएगी।
506 उम्मीदवार इंटरव्यू के लिए हुए थे शॉर्टलिस्ट
इस भर्ती परीक्षा का आयोजन 22 मार्च को किया गया था। इसके बाद 12 जून को परिणाम घोषित हुआ था और 506 उम्मीदवारों को इंटरव्यू के लिए शॉर्टलिस्ट किया गया था। इनमें से 488 उम्मीदवार इंटरव्यू में शामिल हुए थे।
अब पेपर लीक मामले के कारण पूरी भर्ती प्रक्रिया फिर से परीक्षा के चरण में पहुंच गई है। जांच एजेंसी के सामने सबसे बड़ा सवाल यह है कि आयोग की गोपनीय प्रश्न सामग्री बाहर कैसे पहुंची, कितने उम्मीदवारों को इसका फायदा मिला और इस पूरे नेटवर्क में कथित आर्थिक लेन-देन किस स्तर तक हुआ। इन सभी पहलुओं की जांच मुंबई क्राइम ब्रांच कर रही है।













