Home Hindi टनल हादसे का खौफनाक मंजर: घायल मजदूरों ने सुनाई आपबीती, ‘बचाओ-बचाओ’ चिल्ला...

टनल हादसे का खौफनाक मंजर: घायल मजदूरों ने सुनाई आपबीती, ‘बचाओ-बचाओ’ चिल्ला रहे थे सभी

August 14, 2026 Fact Recorder

National Desk:  चमोली में टीएचडीसी की टनल में हुए भूस्खलन से बचकर बाहर आए घायल मजदूर अभी भी सदमे में हैं। उन्होंने हादसे के दौरान के भयावह पलों को याद करते हुए बताया कि अचानक तेज आवाज के साथ मलबा, पानी और पत्थर तेजी से टनल के अंदर घुस आए। देखते ही देखते वहां मौजूद मजदूरों में अफरातफरी मच गई और सभी ‘बचाओ-बचाओ’ चिल्लाने लगे।

घायल मजदूरों के मुताबिक हादसे के समय करीब 16-17 लोग एक जगह पर काम कर रहे थे। बिजली ऑपरेटर, प्लंबर और कुछ अन्य कर्मचारी भी टनल के अंदर मौजूद थे। अचानक आए पानी और मलबे के तेज बहाव से कई मजदूर दूर जा गिरे, जबकि कुछ लोग मलबे में फंस गए।

छत्तीसगढ़ निवासी घायल मजदूर सुनील दीवान ने बताया कि वह टनल के अंदर सरिया से सेंटरिंग बनाने का काम कर रहे थे। इसी दौरान करीब 150 मीटर दूर से अचानक तेज आवाज सुनाई दी। इसके बाद पानी, पत्थर और मलबा तेजी से टनल के अंदर आने लगा। मलबे के तेज धक्के से वह टनल के बाहर की ओर आ गए और किसी तरह अपनी जान बचाई।

मजदूरों ने बताया कि टनल के कई हिस्सों में मलबा भरने के कारण ऑक्सीजन का स्तर बेहद कम हो गया था। कई लोगों को सांस लेने में परेशानी होने लगी थी और कुछ मजदूर आगे बढ़ने की स्थिति में भी नहीं थे। समय पर राहत और बचाव अभियान शुरू होने से कई लोगों की जान बचाई जा सकी।

ओडिशा निवासी जगेश्वर ने बताया कि वह टनल से निकलने वाले पानी को पंप के जरिए बाहर निकालने का काम करते हैं। उनके मुताबिक शाम करीब 6:10 बजे अचानक एक बेहद तेज और डरावनी आवाज सुनाई दी। इसके बाद टनल की बिजली भी गुल हो गई। हादसे की गंभीरता का अंदाजा लगते ही उन्होंने अन्य लोगों को इसकी जानकारी दी।

बताया जा रहा है कि यह टनल दुर्गापुर से सियासैंण तक करीब तीन किलोमीटर लंबी बनाई जा रही है और हादसा टनल के लगभग डेढ़ किलोमीटर अंदर हुआ। घटना के बाद राहत और बचाव दलों ने टनल में फंसे मजदूरों को बाहर निकालने के लिए अभियान चलाया।