मंडी, 31 जुलाई 2026 Fact Recorder
Himachal Desk: जिले में विकास परियोजनाओं को गति प्रदान करने तथा वन संरक्षण अधिनियम (एफसीए) के अंतर्गत लंबित मामलों का समयबद्ध निस्तारण सुनिश्चित करने के उद्देश्य से शुक्रवार को उपायुक्त अपूर्व देवगन की अध्यक्षता में उपायुक्त कार्यालय के वीडियो कॉन्फ्रेंस हॉल में समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक में विभिन्न विभागों से संबंधित एफसीए प्रस्तावों की प्रगति की विस्तृत समीक्षा की गई तथा उनके शीघ्र निष्पादन के लिए आवश्यक दिशा-निर्देश जारी किए गए।
उपायुक्त ने कहा कि जनहित एवं विकास परियोजनाओं में अनावश्यक विलंब रोकने के लिए एफसीए प्रस्तावों का समयबद्ध निस्तारण अत्यंत आवश्यक है। उन्होंने सभी संबंधित विभागों को निर्देश दिए कि वन भूमि हस्तांतरण से जुड़ी सभी औपचारिकताओं को प्राथमिकता के आधार पर शीघ्र पूरा किया जाए, ताकि विकास कार्य निर्धारित समयसीमा के भीतर पूरे हो सकें।
उन्होंने कहा कि वन भूमि से जुड़े सभी मामलों का निपटारा निर्धारित नियमों एवं समय-सीमा के अनुसार किया जाए। विभाग विभिन्न परियोजनाओं से संबंधित प्रस्ताव पूर्ण दस्तावेजों के साथ समय पर प्रस्तुत करें, जिससे स्वीकृति प्रक्रिया में किसी प्रकार की अनावश्यक देरी न हो।
उपायुक्त ने विभागों के बीच प्रभावी समन्वय स्थापित करने, लंबित मामलों की नियमित समीक्षा करने तथा प्रत्येक प्रकरण में वन संरक्षण अधिनियम एवं अन्य प्रासंगिक नियमों का पूर्ण अनुपालन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
बैठक का संचालन एसीएफ (मुख्यालय) नवजोत ने किया। उन्होंने जिले में लंबित एफसीए प्रस्तावों की वर्तमान स्थिति, प्रगति एवं विभिन्न परियोजनाओं से जुड़े मामलों की विस्तृत जानकारी प्रस्तुत की।
बैठक में डीएफओ मंडी संजीव शर्मा उपस्थित रहे, जबकि एसीएफ सुकेत राकेश कटोच, डीएफओ नाचन एस.एस. कश्यप, डीएफओ जोगिंद्रनगर अश्विनी कुमार तथा डीएफओ करसोग वर्चुअल माध्यम से जुड़े। इसके अतिरिक्त लोक निर्माण विभाग, जल शक्ति विभाग, शिक्षा विभाग सहित अन्य संबंधित विभागों के वरिष्ठ अधिकारी भी बैठक में उपस्थित रहे।













