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हरियाणा की नई खेल नीति: योगासन बनेगा नई खेल विधा, 11 साल बाद होंगे बड़े बदलाव

27 July 2026 Fact Recorder

Haryana Desk:  हरियाणा सरकार 11 साल पुरानी खेल नीति में व्यापक बदलाव करने जा रही है। वर्ष 2015 की संशोधित खेल नीति को नए स्वरूप में तैयार किया गया है, जिसमें खिलाड़ियों को केवल पुरस्कार राशि देने के बजाय बचपन से प्रतिभा विकसित करने, ग्रेडेशन प्रणाली में सुधार, सरकारी नौकरियों के नियमों में पारदर्शिता और डिजिटल निगरानी जैसे कई अहम प्रावधान शामिल किए गए हैं।

योगासन को मिलेगा खेल विधा का दर्जा

नई खेल नीति का सबसे बड़ा बदलाव योग की जगह योगासन को एक स्वतंत्र खेल विधा के रूप में शामिल करना है। इसके लागू होने के बाद योगासन प्रतियोगिताओं में हिस्सा लेने वाले खिलाड़ियों को भी अन्य खेलों की तरह सरकारी योजनाओं, प्रोत्साहन और सुविधाओं का लाभ मिल सकेगा। सरकार विश्वविद्यालयों के स्पोर्ट्स विभाग का नाम बदलकर स्पोर्ट्स एवं योगासन विभाग करने की तैयारी भी कर रही है। साथ ही योगासन प्रशिक्षकों के रिक्त पदों को भरने की योजना है।

बचपन से तैयार होंगे खिलाड़ी

नई नीति का फोकस केवल पदक विजेताओं को सम्मानित करने तक सीमित नहीं रहेगा। सरकार की योजना 8 से 10 वर्ष की उम्र में ही प्रतिभाशाली बच्चों की पहचान कर उन्हें वैज्ञानिक और आधुनिक प्रशिक्षण उपलब्ध कराने की है, ताकि भविष्य में ओलंपिक और अन्य अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं के लिए मजबूत खिलाड़ी तैयार किए जा सकें।

ग्रेडेशन और सरकारी नौकरी के नियम होंगे स्पष्ट

खिलाड़ियों की ग्रेडेशन प्रणाली में भी बड़े बदलाव किए जाएंगे। अब केवल मान्यता प्राप्त और उच्च स्तरीय प्रतियोगिताओं में प्रदर्शन को ही प्राथमिकता दी जाएगी। इसके साथ ही खेल कोटे के तहत सरकारी नौकरियों के लिए पात्रता और चयन प्रक्रिया को अधिक पारदर्शी और स्पष्ट बनाया जाएगा।

डोपिंग पर सख्ती, पैरा खिलाड़ियों को समान अवसर

नई खेल नीति में डोपिंग के मामलों पर पहले से अधिक सख्त कार्रवाई का प्रावधान होगा। वहीं, पैरा खिलाड़ियों को मुख्यधारा के खिलाड़ियों के समान अवसर और सुविधाएं देने पर भी विशेष जोर दिया गया है। इसके अलावा खेल संघों में पारदर्शिता, जवाबदेही और नियमित चुनाव सुनिश्चित करने की भी तैयारी है।

‘खेलो हरियाणा’ ऐप पर होगा पूरा रिकॉर्ड

खिलाड़ियों की प्रोफाइल, प्रशिक्षण, प्रदर्शन और उपलब्धियों का पूरा रिकॉर्ड अब ‘खेलो हरियाणा’ ऐप पर डिजिटल रूप से उपलब्ध रहेगा। इससे खिलाड़ियों की प्रगति की निगरानी आसान होगी और सरकारी योजनाओं का लाभ पारदर्शी तरीके से दिया जा सकेगा।

नई खेल नीति के प्रमुख बदलाव

  • योग की जगह योगासन को खेल विधा के रूप में शामिल किया जाएगा।
  • 8–10 वर्ष की उम्र से प्रतिभाओं की पहचान कर दीर्घकालिक प्रशिक्षण दिया जाएगा।
  • ग्रेडेशन प्रणाली को मान्यता प्राप्त प्रतियोगिताओं में प्रदर्शन से जोड़ा जाएगा।
  • खेल कोटे की सरकारी नौकरियों के नियम अधिक स्पष्ट और व्यवस्थित होंगे।
  • ‘खेलो हरियाणा’ ऐप पर खिलाड़ियों का पूरा डिजिटल रिकॉर्ड उपलब्ध रहेगा।
  • डोपिंग के मामलों में सख्त कार्रवाई की जाएगी।
  • पैरा खिलाड़ियों को मुख्यधारा के खिलाड़ियों के समान अवसर मिलेंगे।
  • खेल नर्सरी, उत्कृष्टता केंद्र और खेल संघों की जवाबदेही को और मजबूत किया जाएगा।

सरकार का कहना है कि नई खेल नीति का उद्देश्य केवल पदक जीतने वाले खिलाड़ियों को सम्मानित करना नहीं, बल्कि गांव-गांव से प्रतिभाओं की पहचान कर उन्हें अंतरराष्ट्रीय स्तर तक पहुंचाने के लिए मजबूत और पारदर्शी खेल तंत्र विकसित करना है।