केंद्रीय पंजाबी लेखक सभा ने परीक्षा प्रणाली को निष्पक्ष और भरोसेमंद बनाने की मांग उठाई
चंडीगढ़, 21 जुलाई 2026 Fact Recorder
Punjab Desk: केंद्रीय पंजाबी लेखक सभा (रजि.) ने नीट परीक्षा से जुड़े छात्रों के आंदोलन के साथ एकजुटता व्यक्त करते हुए जंतर-मंतर और संसद की ओर मार्च कर रहे छात्रों पर पुलिस द्वारा किए गए लाठीचार्ज, आंसू गैस के गोले छोड़े जाने और अन्य बल प्रयोग की कड़ी निंदा की है। सभा ने कहा कि लोकतांत्रिक तरीके से अपनी बात रख रहे छात्रों पर बल प्रयोग करना लोकतांत्रिक मूल्यों के विपरीत है। साथ ही, सभा ने मांग की कि परीक्षा प्रणाली की विश्वसनीयता हर हाल में सुनिश्चित की जाए और देश के लाखों युवाओं के भविष्य से जुड़ी प्रतियोगी परीक्षाओं को किसी भी प्रकार की अनियमितता, लापरवाही या अविश्वास का शिकार न बनने दिया जाए।
केंद्रीय पंजाबी लेखक सभा के अध्यक्ष दर्शन बुट्टर, महासचिव सुशील दुसांझ, वरिष्ठ उपाध्यक्ष मक्खन सिंह कुहाड़ और कार्यालय सचिव दीप देविंदर सिंह द्वारा जारी संयुक्त बयान में कहा गया कि एनडीए सरकार की मौजूदा शिक्षा नीति तथा नीट जैसी प्रतियोगी परीक्षाओं के संचालन को लेकर लगातार उठ रहे विवाद युवाओं में गहरी बेचैनी और निराशा पैदा कर रहे हैं। जब बार-बार परीक्षाओं की निष्पक्षता और विश्वसनीयता पर सवाल उठते हैं तो यह केवल एक परीक्षा का नहीं, बल्कि देश की पूरी शिक्षा व्यवस्था का प्रश्न बन जाता है।
सभा के पदाधिकारियों ने कहा कि एनडीए सरकार की शिक्षा नीतियों में विद्यार्थियों की वास्तविक जरूरतों, समान अवसरों और सार्वजनिक शिक्षा को मजबूत करने की बजाय केंद्रीकरण और परीक्षा-केंद्रित व्यवस्था को अधिक प्राथमिकता दी जा रही है। नीट सहित कई प्रतियोगी परीक्षाओं को लेकर सामने आए विवादों ने यह चिंता और गंभीर कर दी है कि सरकार छात्रों का विश्वास बहाल करने में सफल नहीं रही है। देश के लाखों युवाओं के भविष्य से जुड़े ऐसे मामलों में किसी भी प्रकार की लापरवाही या गैर-जवाबदेही स्वीकार नहीं की जा सकती।
केंद्रीय पंजाबी लेखक सभा ने मांग की कि नीट सहित सभी राष्ट्रीय प्रतियोगी परीक्षाओं को पूरी तरह निष्पक्ष, पारदर्शी और जवाबदेह बनाने के लिए प्रभावी कदम उठाए जाएं। साथ ही शिक्षा नीतियों को ऐसी दिशा दी जाए जो सामाजिक न्याय, समान अवसर और समाज के हर वर्ग के विद्यार्थियों के हितों की रक्षा सुनिश्चित करे।
सभा ने कहा कि एक साहित्यिक और बौद्धिक संगठन होने के नाते वह मानती है कि युवाओं के सपनों, शिक्षा के अधिकार और न्यायपूर्ण परीक्षा प्रणाली की रक्षा करना पूरे समाज की साझा जिम्मेदारी है। सभा ने नीट से जुड़े छात्रों के लोकतांत्रिक आंदोलन के प्रति अपनी पूर्ण एकजुटता व्यक्त करते हुए केंद्र सरकार से मांग की कि देश की शिक्षा व्यवस्था को अधिक निष्पक्ष, विश्वसनीय और छात्र हितैषी बनाने के लिए तत्काल ठोस कदम उठाए जाएं।













