18 July 2026 Fact Recorder
Health Desk: आज की भागदौड़ भरी जीवनशैली, तनाव, देर रात तक मोबाइल का इस्तेमाल और अनियमित दिनचर्या के कारण कई लोग अनिद्रा या नींद न आने की समस्या से जूझ रहे हैं। अगर कभी-कभार नींद आने में देरी हो तो यह सामान्य हो सकता है, लेकिन यह समस्या लगातार बनी रहे तो इसे नजरअंदाज नहीं करना चाहिए।
विशेषज्ञों के अनुसार, अच्छी नींद के लिए रोजाना एक ही समय पर सोने और उठने की आदत बनाएं। सोने से पहले मोबाइल, लैपटॉप और टीवी जैसी स्क्रीन से दूरी रखें तथा कमरे की रोशनी हल्की रखें। इसके अलावा 4-7-8 ब्रीदिंग तकनीक, मेडिटेशन और प्रोग्रेसिव मसल रिलैक्सेशन जैसी तकनीकें शरीर और दिमाग को शांत करने में मददगार हो सकती हैं।
यदि बिस्तर पर जाने के 20 मिनट बाद भी नींद न आए, तो उठकर कोई हल्की किताब पढ़ना बेहतर विकल्प हो सकता है। साथ ही, कमरे का तापमान आरामदायक रखें, नियमित व्यायाम करें और सोने से ठीक पहले भारी एक्सरसाइज करने से बचें।
सोने से पहले चाय, कॉफी या अन्य कैफीन युक्त पेय पदार्थों का सेवन न करें। रात में भारी या मसालेदार भोजन, देर तक मोबाइल चलाना और तनावपूर्ण विचारों में उलझे रहना भी अच्छी नींद में बाधा बन सकता है।
अगर लंबे समय तक लगातार नींद नहीं आती, रात में बार-बार नींद टूटती है या दिनभर थकान, चिड़चिड़ापन और काम में परेशानी महसूस होती है, तो डॉक्टर से सलाह लेना जरूरी है। यदि इसके साथ तेज खर्राटे, सांस रुकने जैसी समस्या या अन्य स्वास्थ्य संबंधी लक्षण भी हों, तो समय रहते जांच और उपचार कराना चाहिए।













