नई दिल्ली, 10 जुलाई 2026 Fact Recorder
National Desk: देशभर में मानसूनी बारिश ने जहां भीषण गर्मी से राहत दी है, वहीं कई राज्यों में जनजीवन को बुरी तरह प्रभावित कर दिया है। दिल्ली, उत्तर प्रदेश, उत्तराखंड, हिमाचल प्रदेश, गुजरात, महाराष्ट्र, हरियाणा और एनसीआर के कई इलाकों में भारी बारिश, जलभराव, बाढ़, भूस्खलन और वज्रपात की घटनाओं से लोगों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।
17 राज्यों में भारी बारिश का अलर्ट
भारतीय मौसम विभाग (आईएमडी) ने दिल्ली सहित देश के 17 राज्यों में भारी बारिश का अलर्ट जारी किया है। कई राज्यों में अगले दो से चार दिनों तक तेज बारिश, गरज-चमक और वज्रपात की संभावना जताई गई है।
उत्तर प्रदेश में 19 लोगों की मौ*त
उत्तर प्रदेश में बारिश और वज्रपात से जुड़े हादसों में 19 लोगों की मौत हो गई। बुलंदशहर में मकान की दीवार गिरने से एक ही परिवार के तीन लोगों की जान चली गई, जबकि गाजियाबाद में जलभराव में डूबने से तीन वर्षीय बच्ची और नाले में गिरने से सात वर्षीय बच्चे की मौत हो गई। पूर्वांचल के चार जिलों में वज्रपात से सात लोगों की जान गई।
मौसम विभाग ने लखनऊ सहित 60 से अधिक जिलों में भारी बारिश और वज्रपात का अलर्ट जारी किया है। वरिष्ठ मौसम विज्ञानी अतुल कुमार सिंह के अनुसार, बंगाल की खाड़ी से बना सक्रिय मौसम तंत्र मध्य प्रदेश के पास पहुंच चुका है, जिसका सीधा असर उत्तर प्रदेश में दिखाई दे रहा है।
दिल्ली-एनसीआर में जलभराव और ट्रैफिक जाम
दिल्ली-एनसीआर में गुरुवार तड़के शुरू हुई तेज बारिश ने नगर निगम और अन्य एजेंसियों की तैयारियों की पोल खोल दी। कई इलाकों में जलभराव, सड़क धंसने और पेड़ गिरने की घटनाएं सामने आईं।
भोगल अंडरपास में पानी भरने से एक बीएमडब्ल्यू कार फंस गई। गाजियाबाद के वसुंधरा सेक्टर-13 में करीब 15 फीट सड़क धंसने से एक कार उसमें समा गई। कई सोसायटियों में जलभराव के कारण 200 से अधिक वाहन खराब हो गए। ईस्ट ऑफ कैलाश और रोहिणी में पेड़ गिरने से कार और ई-स्कूटी क्षतिग्रस्त हो गईं।
उत्तराखंड और हिमाचल में भूस्खलन
उत्तराखंड में भारी बारिश के कारण 84 से अधिक संपर्क मार्ग भूस्खलन से बंद हो गए हैं। नैनीताल झील का जलस्तर बढ़ने के कारण नौकायन पर रोक लगा दी गई है। चारधाम यात्रा मार्ग भी कई स्थानों पर बाधित है और कई जिलों में स्कूलों की छुट्टी घोषित कर दी गई है।
हिमाचल प्रदेश में भी लगातार बारिश के कारण बाढ़ और भूस्खलन की घटनाएं हुई हैं। किन्नौर जिले में करीब 100 फीट लंबा लोहे का बेली ब्रिज पानी में डूब गया।
गुजरात और महाराष्ट्र में भी भारी तबाही
गुजरात के सूरत में बारिश से जुड़ी घटनाओं में 9 लोगों की मौत हो गई। बाढ़ जैसे हालात के बीच करीब 3,900 लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया गया। मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल ने सूरत पहुंचकर स्थिति का जायजा लिया।
महाराष्ट्र के रायगढ़ जिले में बाढ़ के दौरान एचपीसीएल के बॉटलिंग प्लांट से करीब 3,000 गैस सिलेंडर पातालगंगा नदी में बह गए। वहीं पुणे में इमारत गिरने की घटना में एनडीआरएफ ने अब तक 9 लोगों को सुरक्षित निकाला है, जबकि 6 से 7 लोगों के अब भी मलबे में फंसे होने की आशंका है।
चार दिन तक जारी रहेगा बारिश का दौर
मौसम विभाग के अनुसार, अगले चार दिनों तक उत्तर प्रदेश के अधिकांश जिलों में गरज-चमक के साथ बारिश जारी रहने की संभावना है। पश्चिमी उत्तर प्रदेश के मेरठ, बिजनौर, सहारनपुर, बुलंदशहर और मुजफ्फरनगर में सबसे अधिक असर देखने को मिला है।
गंगा और यमुना नदियों का जलस्तर लगातार बढ़ रहा है। मौसम विभाग के अनुसार, पिछले 24 घंटों में बिजनौर में सबसे अधिक 306 मिमी बारिश दर्ज की गई, जबकि कई जिलों में बाढ़ जैसे हालात बने हुए हैं। प्रशासन ने लोगों से सतर्क रहने और मौसम विभाग की सलाह का पालन करने की अपील की है।













