3 July 2026 Fact Recorder
Himachal Desk: हिमाचल प्रदेश में लगातार हो रही मूसलाधार बारिश ने जनजीवन को बुरी तरह प्रभावित कर दिया है। पिछले 24 घंटों के दौरान बारिश और भूस्खलन से जुड़ी अलग-अलग घटनाओं में पांच लोगों की मौ*त हो गई, जबकि प्रदेशभर में सड़क, बिजली और पेयजल सेवाएं भी प्रभावित हुई हैं।
राज्य आपातकालीन संचालन केंद्र (SEOC) के अनुसार, शिमला और चंबा जिलों में तीन लोगों की जान गई, जबकि मंडी निवासी बस परिचालक ज्ञान चंद की लाहौल-स्पीति के उदयपुर क्षेत्र में पहाड़ी से चट्टान गिरने के कारण मौत हो गई।
चंबा जिले के भरमौर उपमंडल में एक मंदिर के पास अचानक आई बाढ़ से लकड़ी का अस्थायी पुल बह गया, जिससे करीब 30 तीर्थयात्री फंस गए। सूचना मिलते ही एनडीआरएफ, स्थानीय प्रशासन, पर्वतारोहण संस्थान और लोक निर्माण विभाग (PWD) की संयुक्त टीमों ने राहत एवं बचाव अभियान चलाया। प्रशासन की ओर से श्रद्धालुओं तक आवश्यक राहत सामग्री भी पहुंचाई गई।
उधर, किन्नौर जिले के रिस्पा गांव को जोड़ने वाली एकमात्र सड़क चेरंग खड्ड में जलस्तर बढ़ने से बह गई, जिससे गांव का संपर्क पूरी तरह टूट गया। वहीं भाभा घाटी में सुरचो खड्ड पर बना लकड़ी का पुल भी तेज बहाव में बह गया।
भारी बारिश और भूस्खलन के कारण प्रदेशभर में 49 सड़कें बंद हो गई हैं। इनमें कुल्लू की 30, सिरमौर की 8, चंबा की 7 तथा लाहौल-स्पीति और ऊना की दो-दो सड़कें शामिल हैं। इसके अलावा 42 बिजली ट्रांसफॉर्मर और 27 पेयजल योजनाएं भी प्रभावित हुई हैं, जिससे कई क्षेत्रों में लोगों को दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है।
इस बीच सीमा सड़क संगठन (BRO) ने लाहौल-स्पीति में मानवता का परिचय देते हुए गंभीर रूप से बीमार महिला शांति देवी को उफनते जाहलमा नाले के पार सुरक्षित निकालकर अस्पताल पहुंचाया।
मौसम विभाग ने 5 जुलाई तक राज्य के कई हिस्सों में भारी से बहुत भारी बारिश की चेतावनी जारी करते हुए ऑरेंज अलर्ट घोषित किया है। प्रशासन ने स्थानीय लोगों और पर्यटकों से नदी-नालों, भूस्खलन संभावित क्षेत्रों और संवेदनशील मार्गों से दूर रहने तथा मौसम संबंधी दिशा-निर्देशों का पालन करने की अपील की है।













