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बिहार के क्रिकेट खिलाड़ियों को मिल सकती है सरकारी नौकरी, खेल विभाग ने तैयार किया नया प्रस्ताव

15 June 2026 Fact Recorder

National Desk: बिहार के क्रिकेट खिलाड़ियों के लिए बड़ी खुशखबरी सामने आई है। राज्य सरकार खिलाड़ियों को प्रोत्साहित करने और खेलों में बेहतर अवसर उपलब्ध कराने की दिशा में एक अहम कदम उठाने जा रही है। खेल विभाग ने भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (BCCI) द्वारा चयनित भारतीय पुरुष और महिला सीनियर क्रिकेट टीम के खिलाड़ियों को भी राज्य की ‘मेडल लाओ, नौकरी पाओ’ योजना के दायरे में शामिल करने का प्रस्ताव तैयार किया है।

प्रस्ताव को मंजूरी मिलने के बाद बिहार के ऐसे क्रिकेट खिलाड़ियों को राज्य सरकार में लेवल-9 की सरकारी नौकरियों का लाभ मिल सकेगा। खेल विभाग का मानना है कि इससे युवा खिलाड़ियों को खेल के क्षेत्र में बेहतर भविष्य और रोजगार के अवसर प्राप्त होंगे।

खेल विकास के लिए कई नई पहल

खेल विभाग की समीक्षा बैठक में बताया गया कि राज्य में अब तक 4,818 शारीरिक शिक्षा शिक्षकों की नियुक्ति और पदस्थापना की जा चुकी है। इसके अलावा लगभग 17,000 शिक्षकों को स्कूली बच्चों के लिए आयु-उपयुक्त योग प्रशिक्षण देने हेतु प्रशिक्षित किया गया है।

प्रस्तावित स्पोर्ट्स एक्शन प्लान के तहत कई नई योजनाओं को शामिल किया गया है। इनमें विद्यालयों के लिए फिजिकल लिटरेसी रिपोर्ट कार्ड, वैज्ञानिक प्रतिभा पहचान कार्यक्रम, प्रशिक्षकों और शारीरिक शिक्षा शिक्षकों का प्रमाणन, फिट कैंपस चैलेंज, खिलाड़ियों के लिए एकीकृत वेलनेस पोर्टल, खेल विनिर्माण हब तथा डोपिंग जागरूकता अभियान जैसी पहलें शामिल हैं।

राजगीर क्रिकेट स्टेडियम का निर्माण तेजी से जारी

बैठक में यह भी जानकारी दी गई कि राजगीर क्रिकेट स्टेडियम का पवेलियन पूरी तरह तैयार हो चुका है, जबकि शेष तीन दर्शक दीर्घाओं का निर्माण कार्य तेजी से चल रहा है।

स्टेडियम के निर्माण के बाद यहां लगभग 40 हजार दर्शकों के बैठने की व्यवस्था होगी। इस महत्वाकांक्षी परियोजना के लिए राज्य सरकार ने 1,121 करोड़ रुपये का प्रावधान किया है।

पटना में बनेगा आधुनिक खेल सुविधा केंद्र

इसके अलावा पटना स्थित बी.पी. सिन्हा शारीरिक शिक्षा महाविद्यालय को सार्वजनिक-निजी भागीदारी (PPP) मॉडल के तहत आधुनिक और प्रीमियम खेल सुविधा केंद्र के रूप में विकसित करने की योजना पर भी चर्चा हुई। इस परियोजना पर लगभग 114 करोड़ रुपये खर्च किए जाने का प्रस्ताव है।

खेल विभाग का मानना है कि इन पहलों से बिहार में खेलों का बुनियादी ढांचा मजबूत होगा और खिलाड़ियों को राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय स्तर पर बेहतर प्रदर्शन के लिए आवश्यक सुविधाएं मिल सकेंगी।