15 June 2026 Fact Recorder
Rashifal Desk: आज, 15 जून 2026 को ज्येष्ठ मास की अमावस्या तिथि है। सोमवार के दिन अमावस्या पड़ने के कारण इसे सोमवती अमावस्या के रूप में मनाया जा रहा है। हिंदू धर्म में इस दिन का विशेष धार्मिक महत्व माना जाता है। यह दिन भगवान शिव की आराधना, पितरों के तर्पण, दान-पुण्य और आध्यात्मिक साधना के लिए अत्यंत शुभ माना जाता है।
मान्यता है कि सोमवती अमावस्या पर किए गए धार्मिक कार्यों से पितरों का आशीर्वाद प्राप्त होता है और जीवन में सुख-शांति एवं समृद्धि का मार्ग प्रशस्त होता है। श्रद्धालु इस दिन पितरों के निमित्त तर्पण, जल अर्पण और दान-पुण्य करते हैं। वहीं भगवान शिव की पूजा-अर्चना करने से मनोकामनाओं की पूर्ति होने की मान्यता है।
आज का पंचांग
- तिथि: अमावस्या प्रातः 8:23 बजे तक, इसके बाद प्रतिपदा
- वार: सोमवार
- पक्ष: कृष्ण पक्ष
- नक्षत्र: मृगशिरा शाम 7:08 बजे तक, इसके बाद आर्द्रा
- योग: शूल योग सुबह 8:55 बजे तक, उसके बाद गण्ड योग
- करण: नाग करण सुबह 8:24 बजे तक, इसके बाद किंस्तुघ्न
- चंद्र राशि: मिथुन
सूर्योदय और सूर्यास्त
- सूर्योदय: सुबह 5:45 बजे
- सूर्यास्त: शाम 7:09 बजे
- चंद्रोदय: सुबह 5:26 बजे
- चंद्रास्त: शाम 7:48 बजे
आज के शुभ मुहूर्त
- ब्रह्म मुहूर्त: 4:09 बजे से 4:57 बजे तक
- अभिजीत मुहूर्त: दोपहर 12:00 बजे से 12:54 बजे तक
- अमृत काल: 11:27 बजे से 12:51 बजे तक
दिन के शुभ चौघड़िया
- चर: सुबह 7:43 बजे से 9:21 बजे तक
- लाभ: सुबह 9:21 बजे से 11:00 बजे तक
- अमृत: सुबह 11:00 बजे से 12:38 बजे तक
- शुभ: दोपहर 2:17 बजे से 3:55 बजे तक
रात के शुभ चौघड़िया
- शुभ: शाम 7:12 बजे से 8:34 बजे तक
- अमृत: रात 8:34 बजे से 9:55 बजे तक
- चर: रात 9:55 बजे से 11:17 बजे तक
- लाभ: रात 2:00 बजे से 3:21 बजे तक
- शुभ: सुबह 4:43 बजे से 6:04 बजे तक
आज का राहुकाल और अशुभ समय
- राहुकाल: सुबह 7:25 बजे से 9:06 बजे तक
- यमगण्ड: सुबह 10:46 बजे से 12:27 बजे तक
- कुलिक काल: दोपहर 2:07 बजे से 3:48 बजे तक
- दुर्मुहूर्त: दोपहर 12:54 बजे से 1:47 बजे तक तथा 3:35 बजे से 4:28 बजे तक
- वर्ज्य काल: रात 2:30 बजे से 3:54 बजे तक
धार्मिक महत्व
सोमवती अमावस्या पर पितरों के निमित्त तर्पण, अन्नदान, वस्त्रदान और जरूरतमंदों की सहायता करना शुभ माना जाता है। साथ ही भगवान शिव को जल, दूध, बेलपत्र, धतूरा और पुष्प अर्पित कर पूजा करने से विशेष फल की प्राप्ति होती है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार इस दिन सात्विक जीवनशैली अपनाने, बुजुर्गों का सम्मान करने और सकारात्मक विचार रखने से शुभ परिणाम प्राप्त होते हैं।













