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16 महीने बाद फिर आमने-सामने होंगे मोदी और ट्रंप, जी-7 सम्मेलन में भारत-अमेरिका संबंधों पर होगी अहम चर्चा

15 June 2026 Fact Recorder

International Desk: प्रधानमंत्री Narendra Modi और अमेरिकी राष्ट्रपति Donald Trump 17 जून को जी-7 शिखर सम्मेलन के दौरान मुलाकात करने वाले हैं। फरवरी 2025 के बाद दोनों नेताओं की यह पहली आमने-सामने की बैठक होगी। ऐसे समय में होने वाली यह मुलाकात बेहद महत्वपूर्ण मानी जा रही है, जब भारत और अमेरिका के संबंध कई अहम मुद्दों पर नए दौर से गुजर रहे हैं।

फरवरी 2025 में व्हाइट हाउस में हुई पिछली बैठक में दोनों देशों ने रक्षा, व्यापार, ऊर्जा और प्रौद्योगिकी सहयोग को नई दिशा देने पर सहमति जताई थी। उस दौरान ‘कॉम्पैक्ट’ पहल की शुरुआत की गई थी, जिसका उद्देश्य रक्षा साझेदारी, विनिर्माण और उभरती तकनीकों के क्षेत्र में सहयोग को बढ़ाना था। इसके अलावा व्यापार समझौते, ऊर्जा सुरक्षा और परमाणु सहयोग को भी आगे बढ़ाने पर जोर दिया गया था।

हालांकि पिछले 16 महीनों के दौरान दोनों देशों के संबंधों में कई उतार-चढ़ाव देखने को मिले हैं। अमेरिका द्वारा व्यापारिक शुल्क बढ़ाने, भारत की रूस से तेल खरीद पर आपत्ति जताने और कुछ कूटनीतिक मुद्दों ने दोनों देशों के बीच तनाव की स्थिति पैदा की। इसके साथ ही पाकिस्तान को लेकर अमेरिकी नीति और क्षेत्रीय रणनीति को लेकर भी नई दिल्ली ने अपनी चिंताएं जाहिर की हैं।

व्यापार और टैरिफ प्रमुख मुद्दा

मोदी-ट्रंप बैठक में व्यापार समझौते और अमेरिकी टैरिफ सबसे अहम विषयों में शामिल रह सकते हैं। भारत लंबे समय से व्यापक व्यापार समझौते को अंतिम रूप देने की कोशिश कर रहा है, लेकिन शुल्क और बाजार पहुंच जैसे मुद्दों पर दोनों पक्षों के बीच मतभेद बने हुए हैं। भारत अमेरिकी प्रतिबंधात्मक व्यापार उपायों पर भी अपनी चिंता दर्ज करा सकता है।

ऊर्जा सुरक्षा पर भी होगी चर्चा

अमेरिका-ईरान तनाव और वैश्विक ऊर्जा बाजार में उतार-चढ़ाव का असर भारत पर भी पड़ा है। ऐसे में प्रधानमंत्री मोदी ऊर्जा आपूर्ति, कच्चे तेल की कीमतों और क्षेत्रीय स्थिरता से जुड़े मुद्दों पर ट्रंप से चर्चा कर सकते हैं। होर्मुज जलडमरूमध्य में किसी भी तरह का व्यवधान भारत की ऊर्जा सुरक्षा के लिए महत्वपूर्ण माना जाता है।

रक्षा और रणनीतिक सहयोग पर फोकस

बैठक में रक्षा सहयोग को और मजबूत करने पर भी बातचीत होने की संभावना है। दोनों देश पहले से ही रक्षा तकनीक, सैन्य उपकरणों और रणनीतिक साझेदारी को लेकर कई परियोजनाओं पर काम कर रहे हैं। महत्वपूर्ण खनिजों, उन्नत तकनीक और आपूर्ति श्रृंखला सहयोग जैसे विषय भी एजेंडे में शामिल हो सकते हैं।

नेताओं के व्यक्तिगत संबंध बने रहे मजबूत

राजनयिक और व्यापारिक मतभेदों के बावजूद प्रधानमंत्री मोदी और राष्ट्रपति ट्रंप के व्यक्तिगत संबंध लगातार सकारात्मक बने हुए हैं। दोनों नेताओं के बीच पिछले डेढ़ वर्ष में कई बार टेलीफोन पर बातचीत हुई है और विभिन्न अंतरराष्ट्रीय मुद्दों पर संवाद जारी रहा है।

विशेषज्ञों का मानना है कि जी-7 सम्मेलन से इतर होने वाली यह मुलाकात भारत-अमेरिका संबंधों की दिशा तय करने में अहम भूमिका निभा सकती है। व्यापार, ऊर्जा, रक्षा और क्षेत्रीय सुरक्षा जैसे मुद्दों पर होने वाली चर्चा दोनों देशों की भविष्य की साझेदारी को नया स्वरूप दे सकती है।