11 June 2026 Fact Recorder
Rashifal Desk: आज ज्येष्ठ अधिकमास के कृष्ण पक्ष की एकादशी तिथि है। इस दिन परमा एकादशी व्रत और गुरुवार व्रत का विशेष महत्व माना जाता है। भगवान विष्णु की पूजा-अर्चना और व्रत रखने से पुण्य फल की प्राप्ति होती है। आज पूरे दिन सर्वार्थ सिद्धि योग का शुभ संयोग बना हुआ है, जबकि पंचक सुबह 8:16 बजे समाप्त हो जाएगा। श्रद्धालु स्नान के बाद व्रत एवं पूजा का संकल्प लेकर भगवान विष्णु को पंचामृत, पीले पुष्प, तुलसी दल, धूप, दीप, फल और अक्षत अर्पित कर पूजा कर सकते हैं।
गुरुवार होने के कारण भगवान विष्णु के साथ देवगुरु बृहस्पति और केले के पौधे की पूजा भी शुभ मानी गई है। धार्मिक मान्यता है कि इससे गुरु दोष दूर होता है, विवाह में आने वाली बाधाएं समाप्त होती हैं तथा शिक्षा और दांपत्य जीवन में सफलता प्राप्त होती है। इस दिन पीले वस्त्र, हल्दी, चने की दाल और गुड़ का दान करना लाभकारी माना जाता है।
आज का पंचांग (11 जून 2026)
- तिथि: एकादशी रात्रि 10:36 बजे तक, इसके बाद द्वादशी
- नक्षत्र: रेवती सुबह 8:16 बजे तक, फिर अश्विनी
- योग: शोभन योग 12 जून को रात्रि 1:00 बजे तक, इसके बाद अतिगण्ड
- करण: बव सुबह 11:52 बजे तक, फिर बालव रात्रि 10:36 बजे तक, उसके बाद कौलव
- पक्ष: कृष्ण पक्ष
- वार: गुरुवार
- चंद्र राशि: मीन सुबह 8:16 बजे तक, इसके बाद मेष
सूर्योदय और सूर्यास्त
- सूर्योदय: सुबह 5:23 बजे
- सूर्यास्त: शाम 7:19 बजे
- चंद्रोदय: 12 जून को रात्रि 2:31 बजे
- चंद्रास्त: दोपहर 3:10 बजे
शुभ मुहूर्त
- ब्रह्म मुहूर्त: सुबह 4:02 बजे से 4:42 बजे तक
- अभिजीत मुहूर्त: सुबह 11:53 बजे से दोपहर 12:49 बजे तक
- विजय मुहूर्त: दोपहर 2:40 बजे से 3:36 बजे तक
- सर्वार्थ सिद्धि योग: पूरे दिन
शुभ चौघड़िया
- सुबह 5:23 बजे से 7:07 बजे तक – शुभ
- दोपहर 12:21 बजे से 2:05 बजे तक – लाभ
- दोपहर 2:05 बजे से 3:50 बजे तक – अमृत
- शाम 5:34 बजे से 7:19 बजे तक – शुभ
अशुभ समय
- राहुकाल: दोपहर 2:05 बजे से 3:50 बजे तक
- यमगण्ड: सुबह 5:23 बजे से 7:07 बजे तक
- गुलिक काल: सुबह 8:52 बजे से 10:36 बजे तक
- पंचक: सुबह 8:16 बजे तक
- दिशाशूल: दक्षिण दिशा
परमा एकादशी पारण समय
परमा एकादशी व्रत का पारण 12 जून को सूर्योदय के बाद सुबह 5:23 बजे से 8:10 बजे तक किया जा सकता है।
धार्मिक मान्यता के अनुसार परमा एकादशी का व्रत और भगवान विष्णु की उपासना करने से पापों का नाश होता है तथा सुख, समृद्धि और मोक्ष की प्राप्ति होती है।













