11 June 2026 Fact Recorder
Himachal Desk: हिमाचल प्रदेश के कांगड़ा जिले के नगरोटा बगवां क्षेत्र के पटियालकर (धलूं) स्थित नैना देवी मंदिर के आसपास बुधवार को जंगल में भीषण आग लगने से अफरा-तफरी का माहौल पैदा हो गया। आग तेजी से फैलते हुए मंदिर परिसर तक पहुंच गई और कुछ ही समय में मंदिर चारों ओर से आग की लपटों से घिर गया। उस समय मंदिर में भंडारे और जागरण का आयोजन चल रहा था, जिसमें बड़ी संख्या में श्रद्धालु मौजूद थे।
जानकारी के अनुसार, घने जंगलों के बीच पहाड़ी पर स्थित मंदिर में महिलाएं, बच्चे और बुजुर्ग समेत करीब 200 श्रद्धालु फंस गए थे। मंदिर तक जाने वाली सड़क के दोनों ओर लगभग तीन किलोमीटर क्षेत्र में आग फैलने के कारण लोगों का सुरक्षित बाहर निकलना मुश्किल हो गया। स्थिति की गंभीरता को देखते हुए प्रशासन और फायर ब्रिगेड की टीमें तुरंत मौके पर पहुंचीं और राहत एवं बचाव अभियान शुरू किया गया।
बचाव दल ने सबसे पहले सड़क किनारे लगी आग पर काबू पाने का प्रयास किया, ताकि लोगों के लिए सुरक्षित रास्ता तैयार किया जा सके। इसके बाद श्रद्धालुओं को चरणबद्ध तरीके से वाहनों के माध्यम से बाहर निकाला गया। राहत एवं बचाव कार्य शाम करीब चार बजे शुरू हुआ और देर रात तक जारी रहा। रात लगभग नौ बजे तक सड़क किनारे की आग को काफी हद तक नियंत्रित कर लिया गया, जिसके बाद फंसे लोगों को प्राथमिकता के आधार पर सुरक्षित निकाला गया। रात करीब 11 बजे तक सभी 200 श्रद्धालुओं को सकुशल रेस्क्यू कर लिया गया।
उपमंडल अधिकारी (नागरिक) नगरोटा बगवां, मुनीश शर्मा ने बताया कि समय रहते कार्रवाई नहीं की जाती तो आग आसपास के बड़े क्षेत्र में फैल सकती थी और करीब 5,000 लोगों पर इसका असर पड़ सकता था। उन्होंने कहा कि आग लगने के कारणों की जांच की जा रही है।
इस घटना के दौरान मंदिर में मौजूद स्थानीय युवती वैशाली ने सोशल मीडिया पर अपना अनुभव साझा करते हुए बताया कि जैसे-जैसे शाम हुई, जंगल की आग तेजी से बढ़ने लगी और हालात चिंताजनक हो गए। स्थिति को देखते हुए जागरण कार्यक्रम बीच में ही रोकना पड़ा। उन्होंने अपने भाई और भाभी को फोन कर मदद मांगी, जिसके बाद रेस्क्यू अभियान में सहयोग मिला। वैशाली ने प्रशासन, फायर ब्रिगेड और बचाव दल का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि उनकी तत्परता के कारण एक बड़ी दुर्घटना टल गई।
फिलहाल प्रशासन आग पर पूरी तरह नियंत्रण पाने और नुकसान का आकलन करने में जुटा हुआ है। तेज हवाओं और खराब मौसम के बावजूद बचाव दल की मुस्तैदी से सभी श्रद्धालुओं को सुरक्षित निकाल लिया गया, जिससे संभावित बड़ी त्रासदी टल गई













