9 June 2026 Fact Recorder
International Desk: अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप पिछले दो महीनों से लगातार दावा कर रहे हैं कि अमेरिका और ईरान के बीच परमाणु समझौता बेहद करीब है। रिपोर्टों के अनुसार, ट्रंप अब तक कम से कम 37 बार कह चुके हैं कि दोनों देशों के बीच डील होने वाली है या ईरान समझौते के लिए तैयार है। हालांकि, बार-बार किए गए इन दावों के बावजूद अब तक कोई अंतिम समझौता नहीं हो पाया है।
23 मार्च से शुरू हुए बयानों की श्रृंखला में ट्रंप ने कई बार कहा कि बातचीत सकारात्मक दिशा में आगे बढ़ रही है और अधिकांश मुद्दों पर सहमति बन चुकी है। उन्होंने यहां तक दावा किया कि ईरान समझौते के लिए उत्सुक है और जल्द ही कोई बड़ा ऐलान हो सकता है। लेकिन उसी दौरान ईरान ने कई मौकों पर बातचीत या सहमति संबंधी दावों को खारिज कर दिया।
मार्च के अंत और अप्रैल के दौरान ट्रंप ने कई बार कहा कि समझौता एक सप्ताह, दो सप्ताह या कुछ दिनों के भीतर हो जाएगा। उन्होंने यह भी दावा किया कि ईरान उनकी अधिकांश शर्तें मानने को तैयार है। इसके बावजूद तय समयसीमा बीतती रही और कोई औपचारिक समझौता सामने नहीं आया।
मई में भी ट्रंप के दावे जारी रहे। उन्होंने कहा कि मध्य-पूर्व के कुछ देशों के अनुरोध पर संभावित सैन्य कार्रवाई को टाल दिया गया है क्योंकि समझौता बहुत करीब है। हालांकि उन्होंने यह भी स्वीकार किया कि पहले भी कई बार ऐसा लगा था कि डील होने वाली है, लेकिन बातचीत अंतिम नतीजे तक नहीं पहुंच सकी।
हाल ही में दिए गए एक इंटरव्यू और 9 जून के ताजा बयान में भी ट्रंप ने कहा कि अमेरिका और ईरान अंतिम समझौते के बेहद करीब हैं। उनका कहना है कि बातचीत जारी है और ईरान एक बेहतर समझौता चाहता है। हालांकि, दो महीने से अधिक समय बीत जाने के बाद भी कोई औपचारिक समझौता नहीं होने से ट्रंप के लगातार किए जा रहे दावों की विश्वसनीयता पर सवाल उठने लगे हैं।
विशेषज्ञों का मानना है कि अमेरिका और ईरान के बीच परमाणु कार्यक्रम, प्रतिबंधों में राहत और क्षेत्रीय सुरक्षा जैसे कई जटिल मुद्दों पर अभी भी मतभेद बने हुए हैं, जिसके कारण समझौते की प्रक्रिया अपेक्षा से अधिक लंबी खिंच रही है।













