12 May 2026 Fact Recorder
Politics Desk: मिडिल ईस्ट में बढ़ते तनाव और उसके संभावित आर्थिक असर को लेकर देश में राजनीतिक बहस तेज हो गई है. प्रधानमंत्री Narendra Modi द्वारा लोगों से एक साल तक सोना कम खरीदने, विदेश यात्राएं घटाने, पेट्रोल बचाने और वर्क फ्रॉम होम अपनाने की अपील के बाद विपक्ष लगातार सवाल उठा रहा है.
इसी बीच Sharad Pawar ने प्रधानमंत्री से इस मुद्दे पर सर्वदलीय बैठक बुलाने की मांग की है. उन्होंने कहा कि सरकार की घोषणाओं का देश की अर्थव्यवस्था पर दूरगामी असर पड़ सकता है और इस तरह के फैसलों पर व्यापक चर्चा जरूरी है.
शरद पवार ने जताई चिंता
Nationalist Congress Party (Sharadchandra Pawar) प्रमुख शरद पवार ने सोशल मीडिया पर पोस्ट कर कहा कि अचानक की गई घोषणाओं से आम नागरिकों, उद्योग जगत और निवेशकों के बीच असमंजस और चिंता का माहौल बन सकता है.
उन्होंने सुझाव दिया कि प्रधानमंत्री की अध्यक्षता में सर्वदलीय बैठक बुलाई जाए, ताकि राष्ट्रीय हित से जुड़े फैसलों में सभी दलों की भागीदारी सुनिश्चित हो सके. पवार ने यह भी कहा कि सरकार को आर्थिक विशेषज्ञों और उद्योग प्रतिनिधियों के साथ तत्काल चर्चा करनी चाहिए, ताकि भविष्य की नीतियों पर स्पष्टता बनी रहे.
कांग्रेस नेता ने उठाई IPL और मंत्रियों के खर्च की बात
वहीं Sachin Sawant ने भी सरकार की अपील पर प्रतिक्रिया देते हुए कई सख्त सुझाव दिए. उन्होंने कहा कि अगर देश आर्थिक बचत की दिशा में कदम बढ़ा रहा है, तो सबसे पहले Indian Premier League पर अस्थायी रोक लगाने पर विचार होना चाहिए.
सचिन सावंत ने कहा कि बड़े आयोजनों और वाहनों पर होने वाले खर्च को कम करना जरूरी है. उन्होंने मंत्रियों से कार पूलिंग अपनाने, मेट्रो से यात्रा करने और चार्टर्ड फ्लाइट व हेलीकॉप्टर उपयोग सीमित करने की बात भी कही.
विपक्ष ने मांगी स्पष्ट रणनीति
मिडिल ईस्ट संकट के बीच विपक्ष का कहना है कि सरकार को सिर्फ अपील करने के बजाय स्पष्ट आर्थिक रणनीति और रोडमैप सामने रखना चाहिए. साथ ही लोगों के बीच भरोसा और स्थिरता बनाए रखना सरकार की प्राथमिक जिम्मेदारी है.
अब देखने वाली बात होगी कि केंद्र सरकार विपक्ष की सर्वदलीय बैठक की मांग पर क्या फैसला लेती है और मौजूदा वैश्विक संकट से निपटने के लिए आगे क्या कदम उठाए जाते हैं।











