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Thalapathy Vijay की पॉलिटिकल फिल्में: ‘सरकार’ से ‘कथी’ तक, इन 5 फिल्मों ने बनाया सुपरस्टार को जनता का हीरो

04 May 2026 Fact Recorder

Bollywood Desk:  साउथ सिनेमा के बड़े स्टार Vijay (थलपति विजय) सिर्फ एक एक्शन हीरो नहीं, बल्कि सामाजिक और राजनीतिक मुद्दों पर आधारित फिल्मों के जरिए भी दर्शकों के दिल जीत चुके हैं। अब जब वह अपनी पार्टी Tamilaga Vettri Kazhagam के साथ राजनीति में सक्रिय हैं, तो उनकी पुरानी पॉलिटिकल फिल्मों की चर्चा फिर तेज हो गई है।

आइए जानते हैं उनकी 5 ऐसी फिल्मों के बारे में, जिनमें राजनीति और समाज का गहरा असर दिखा—


1. Thalaivaa (2013)

यह फिल्म एक क्राइम-ड्रामा है, जिसमें राजनीति का मजबूत तड़का देखने को मिलता है। विजय ने इसमें एक ऐसे शख्स का किरदार निभाया जो हालात के चलते नेतृत्व की जिम्मेदारी संभालता है।
कमाई: करीब ₹77 करोड़
बजट: ₹60 करोड़
फिल्म बॉक्स ऑफिस पर सफल रही।


2. Thamizhan (2002)

इस फिल्म में विजय एक ईमानदार वकील के रोल में नजर आए, जो लोगों को उनके अधिकारों के प्रति जागरूक करता है।
यह फिल्म खास इसलिए भी है क्योंकि इससे Priyanka Chopra ने फिल्म इंडस्ट्री में डेब्यू किया था।
फिल्म को दर्शकों से अच्छा रिस्पॉन्स मिला।


3. Mersal (2017)

इस ब्लॉकबस्टर फिल्म में विजय ने ट्रिपल रोल निभाया और स्वास्थ्य व्यवस्था व भ्रष्टाचार जैसे मुद्दों को उठाया।
कमाई: करीब ₹250 करोड़
बजट: ₹120 करोड़
यह फिल्म उनके करियर की बड़ी हिट्स में से एक रही।


4. Sarkar (2018)

यह एक पावरफुल पॉलिटिकल ड्रामा है, जिसमें एक NRI अपने वोटिंग अधिकार के दुरुपयोग के खिलाफ लड़ाई लड़ता है।
फिल्म का निर्देशन A. R. Murugadoss ने किया था।
कमाई: लगभग ₹253 करोड़
यह फिल्म राजनीतिक सिस्टम पर सीधा सवाल उठाती है।


5. Kaththi (2014)

इस फिल्म में विजय ने डबल रोल निभाया—एक अपराधी और एक सामाजिक कार्यकर्ता का।
कहानी किसानों की जमीन हड़पने के मुद्दे पर आधारित है।
कमाई: करीब ₹128 करोड़
बजट: ₹50 करोड़
फिल्म को सामाजिक संदेश के लिए खूब सराहा गया।


आगे क्या?

विजय की आने वाली फिल्म “जन नेता” (Jan Nayagan) भी राजनीतिक विषय पर आधारित बताई जा रही है, हालांकि इसकी रिलीज फिलहाल टली हुई है।


निष्कर्ष

Vijay ने अपनी फिल्मों के जरिए सिर्फ मनोरंजन ही नहीं, बल्कि सामाजिक और राजनीतिक मुद्दों को भी बड़े पर्दे पर मजबूती से उठाया है। यही वजह है कि उनकी छवि एक “जनता के नेता” जैसी बनती जा रही है—जो अब उनके असली राजनीतिक करियर में भी असर डाल सकती है।