चंडीगढ़, 24 अप्रैल 2026 Fact Recorder
International Desk: अमेरिकी राष्ट्रपति Donald Trump के भारत को लेकर दिए गए आपत्तिजनक बयान पर विवाद गहराता जा रहा है। Embassy of Iran in Mumbai ने इस पर कड़ी प्रतिक्रिया देते हुए उन्हें “कल्चरल डिटॉक्स” लेने की सलाह दी और कहा कि बिना समझे टिप्पणी करने के बजाय उन्हें भारत आकर वास्तविकता देखनी चाहिए।
दरअसल, ट्रंप ने एक पोस्ट में भारत और चीन को “हेलहोल” (बेहद खराब जगह) बताया था। यह टिप्पणी एक कंजरवेटिव पॉडकास्ट होस्ट के विचारों को दोहराते हुए की गई थी, जिसमें अमेरिका की जन्मसिद्ध नागरिकता नीति की आलोचना भी शामिल थी। इस बयान में भारतीय टेक इंडस्ट्री और भाषा को लेकर भी विवादित दावे किए गए।
इस पर प्रतिक्रिया देते हुए मुंबई स्थित ईरानी मिशन ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर तीखा जवाब दिया। पोस्ट में कहा गया कि ट्रंप को “एकतरफा कल्चरल डिटॉक्स” पर भेजा जाना चाहिए, ताकि वे इस तरह की “बेवजह की बयानबाजी” से बच सकें। साथ ही भारत, खासकर महाराष्ट्र की खूबसूरत तस्वीरें साझा कर उन्हें देश की विविधता देखने की सलाह दी गई।
भारत सरकार ने भी इस बयान को सख्ती से खारिज किया। विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता Randhir Jaiswal ने इसे “गलत और अनुचित” बताते हुए कहा कि ऐसे बयान भारत-अमेरिका संबंधों की वास्तविकता को नहीं दर्शाते, जो आपसी सम्मान और साझा हितों पर आधारित हैं।
विवाद बढ़ने के बाद भारत में United States Embassy in India की ओर से सफाई दी गई। प्रवक्ता ने कहा कि राष्ट्रपति ने भारत को एक महान देश बताया है और दोनों देशों के शीर्ष नेताओं के बीच अच्छे संबंध हैं।
गौरतलब है कि यह विवाद ऐसे समय सामने आया है, जब Marco Rubio के अगले महीने भारत दौरे की संभावना है। उनका उद्देश्य दोनों देशों के बीच हालिया तनाव को कम करना बताया जा रहा है।
विशेषज्ञों का मानना है कि अमेरिका और भारत के मजबूत रणनीतिक संबंधों के बीच इस तरह के बयान असहज स्थिति पैदा कर सकते हैं, हालांकि दोनों देश आमतौर पर एक-दूसरे को अहम साझेदार के रूप में देखते हैं।












