चंडीगढ़, 24 अप्रैल 2026 Fact Recorder
National Desk: पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव के पहले चरण में 23 अप्रैल को हुए मतदान ने नया रिकॉर्ड कायम कर दिया। राज्य की 152 सीटों पर हुए चुनाव में मतदाताओं का जबरदस्त उत्साह देखने को मिला और कुल मतदान प्रतिशत 92.9% तक पहुंच गया, जो 2011 के बाद सबसे अधिक है।
दिलचस्प बात यह रही कि जिन क्षेत्रों में विशेष पुनरीक्षण अभियान (SIR) के दौरान सबसे ज्यादा मतदाता सूची से नाम हटाए गए थे, वहीं सबसे ज्यादा वोटिंग दर्ज की गई। मुर्शिदाबाद की समसेरगंज सीट पर 96.03% मतदान हुआ। इसके अलावा लालगोला (96.45%), भगवानगोला (96.95%), रघुनाथगंज (96.9%) और फरक्का (96.05%) में भी 95% से अधिक मतदान दर्ज किया गया।
चुनाव आयोग के SIR अभियान के तहत राज्य में करीब 11.63% नाम मतदाता सूची से हटाए गए थे। इसके बावजूद इतनी बड़ी संख्या में लोगों का मतदान करना लोकतंत्र के प्रति उनकी मजबूत भागीदारी को दर्शाता है।
अगर 2011 की बात करें, जब Mamata Banerjee ने वाम दलों के 34 साल पुराने शासन को समाप्त किया था, तब मतदान प्रतिशत 84.72% था। इस बार महिलाओं ने 92.69% और पुरुषों ने 90.92% मतदान किया।
राजनीतिक प्रतिक्रियाओं में भी तीखापन देखने को मिला। टीएमसी ने दावा किया कि भारी मतदान से जनता का रुझान साफ है और विपक्ष की रणनीतियां विफल हो रही हैं। वहीं, Amit Shah ने कहा कि राज्य में सत्ताधारी दल के खिलाफ लोगों का गुस्सा मतदान में साफ दिखाई दे रहा है।
कुल मिलाकर, बंगाल में पहले चरण की वोटिंग ने यह संकेत दिया है कि मतदाता पूरी ताकत के साथ चुनावी प्रक्रिया में हिस्सा ले रहे हैं और परिणाम बेहद दिलचस्प हो सकते हैं।












