मार्च की गिरावट में म्यूचुअल फंड्स ने फाइनेंशियल स्टॉक्स पर लगाया बड़ा दांव, 55,413 करोड़ रुपये की खरीदारी

16 अप्रैल, 2026 फैक्ट रिकॉर्डर

Business Desk:  मार्च 2026 में बाजार में भारी गिरावट के बावजूद म्यूचुअल फंड्स ने फाइनेंशियल स्टॉक्स में रिकॉर्ड खरीदारी की। म्यूचुअल फंड्स ने इस सेक्टर में 55,413 करोड़ रुपये लगाए, जो मार्च के दौरान सेकेंडरी मार्केट में उनके कुल निवेश का लगभग 49 प्रतिशत था।

यह खरीदारी ऐसे समय हुई जब अमेरिकी-ईरान-इजराइल तनाव के चलते भारतीय शेयर बाजार में बड़ी गिरावट आई। मार्च में म्यूचुअल फंड्स ने कुल मिलाकर करीब 1.13 लाख करोड़ रुपये के शेयर खरीदे, जबकि विदेशी निवेशकों ने बड़े पैमाने पर बिकवाली की।

फाइनेंशियल सेक्टर में खरीदारी के बावजूद बैंकिंग शेयरों पर दबाव बना रहा। मार्च में Nifty Bank 17 प्रतिशत गिरा, जबकि Nifty Financial Services में 15.6 प्रतिशत की गिरावट दर्ज की गई। यह मार्च 2020 के बाद इन दोनों इंडेक्स की सबसे बड़ी मासिक गिरावट थी।

विशेषज्ञों का मानना है कि बढ़ती बॉन्ड यील्ड के कारण बैंकों के सरकारी बॉन्ड पोर्टफोलियो पर नुकसान की आशंका थी। मार्च में भारत की 10-वर्षीय बॉन्ड यील्ड 37 बेसिस पॉइंट से अधिक बढ़कर 7 प्रतिशत के ऊपर पहुंच गई, जो एक साल का उच्चतम स्तर था।

फाइनेंशियल स्टॉक्स के अलावा म्यूचुअल फंड्स ने दूसरे सेक्टरों में भी खरीदारी की। कंज्यूमर डिस्क्रिशनरी शेयरों में 16,366 करोड़ रुपये, टेलीकॉम में 14,656 करोड़ रुपये और IT सेक्टर में 5,717 करोड़ रुपये का निवेश किया गया। इसके अलावा कमोडिटीज, हेल्थकेयर, इंडस्ट्रियल्स और FMCG सेक्टर में भी मजबूत खरीदारी देखने को मिली।

दूसरी ओर, विदेशी संस्थागत निवेशकों (FII) ने मार्च में करीब 1.26 लाख करोड़ रुपये के शेयर बेच दिए। इनमें अकेले फाइनेंशियल सेक्टर से लगभग 60,000 करोड़ रुपये की बिकवाली हुई। ऑटो, कंस्ट्रक्शन, मेटल और FMCG सेक्टरों में भी भारी निकासी दर्ज की गई।

मार्च में बाजार की हालत भी कमजोर रही। BSE Sensex और Nifty 50 दोनों में 11.5 प्रतिशत की गिरावट आई। वहीं BSE MidCap 150 10.8 प्रतिशत और BSE SmallCap 250 10.3 प्रतिशत नीचे रहे।