14 अप्रैल, 2026 फैक्ट रिकॉर्डर
Health Desk: दुनियाभर में लिवर से जुड़ी बीमारियां तेजी से बढ़ रही हैं और आने वाले समय में यह एक बड़ी स्वास्थ्य चुनौती बन सकती है। The Lancet Gastroenterology & Hepatology में प्रकाशित एक रिपोर्ट के अनुसार, साल 2023 में करीब 1.3 अरब लोग ‘मेटाबॉलिक डिसफंक्शन-एसोसिएटेड स्टीटोटिक लिवर डिजीज (MASLD)’ से प्रभावित थे, जो 1990 की तुलना में काफी अधिक है।
रिपोर्ट के मुताबिक, अगर यही रफ्तार जारी रही तो साल 2050 तक यह संख्या बढ़कर करीब 1.8 अरब तक पहुंच सकती है। इस बढ़ोतरी के पीछे मुख्य कारण तेजी से बदलती जीवनशैली, बढ़ती आबादी, मोटापा और हाई ब्लड शुगर जैसी समस्याएं हैं।
अध्ययन, जो Global Burden of Disease Study 2023 के आंकड़ों पर आधारित है, बताता है कि उत्तरी अफ्रीका और मध्य पूर्व में इस बीमारी का प्रभाव सबसे ज्यादा देखा जा रहा है। हालांकि इलाज और देखभाल में सुधार के कारण मौत के मामलों में ज्यादा बढ़ोतरी नहीं हुई है।
विशेषज्ञों का कहना है कि शहरीकरण और असंतुलित जीवनशैली के कारण यह बीमारी खासकर युवाओं में तेजी से फैल रही है, खासतौर पर कम और मध्यम आय वाले देशों में। अगर समय रहते इस पर ध्यान नहीं दिया गया, तो भविष्य में लिवर सिरोसिस और कैंसर जैसी गंभीर बीमारियों का खतरा बढ़ सकता है।











