31 मार्च 2026 फैक्ट रिकॉर्डर
Chandigarh Desk: एलपीजी की किल्लत के बीच Chandigarh प्रशासन ने करीब 10 साल बाद मिट्टी के तेल (केरोसिन) की आपूर्ति दोबारा शुरू करने का फैसला लिया है। केंद्र सरकार की मंजूरी के बाद बीपीएल परिवारों को राहत देने के लिए प्रति परिवार 3 लीटर केरोसिन उपलब्ध कराया जाएगा।
गौरतलब है कि 2016 में चंडीगढ़ को केरोसिन-फ्री सिटी घोषित किया गया था, जिसके बाद इसकी सप्लाई पूरी तरह बंद कर दी गई थी। लेकिन मौजूदा हालात में एलपीजी की बढ़ती मांग और अनियमित आपूर्ति के चलते प्रशासन को यह कदम उठाना पड़ा है।
शहर में करीब 3.08 लाख एलपीजी कनेक्शन हैं, जबकि 83 हजार से ज्यादा बीपीएल परिवारों को प्राथमिकता के आधार पर केरोसिन देने की योजना बनाई गई है। इसके लिए लाभार्थियों की पहचान और स्क्रीनिंग का काम शुरू कर दिया गया है, ताकि जरूरतमंदों तक ही इसका फायदा पहुंचे।
केरोसिन सप्लाई के लिए पहले बंद किए गए डिपो फिर से खोले जाएंगे और पेट्रोल पंपों के माध्यम से भी वितरण की व्यवस्था की जाएगी। Ministry of Petroleum and Natural Gas ने हाल ही में नियमों में ढील देते हुए पेट्रोल पंपों को सीमित मात्रा में केरोसिन स्टोर करने की अनुमति दी है।
इस बीच गैस की कमी के चलते शहर में स्टोव की मांग तेजी से बढ़ गई है। जो स्टोव पहले 300–500 रुपये में मिलते थे, अब उनकी कीमत 1500 से 2000 रुपये तक पहुंच गई है। खासकर रेहड़ी-फड़ी संचालक, छोटे ढाबा मालिक और बीपीएल परिवार मजबूरी में इस विकल्प की ओर लौट रहे हैं।
प्रशासन का कहना है कि यह व्यवस्था अस्थायी राहत के रूप में लागू की जा रही है। साथ ही भविष्य में ऐसे संकट से बचने के लिए पीएनजी कनेक्शन बढ़ाने और सप्लाई सिस्टम को मजबूत करने पर भी जोर दिया जा रहा है।













