संघ के 100 वर्ष पूरे: धर्मशाला में दत्तात्रेय होसबाले का बयान—“संघ सिर्फ संगठन नहीं, एक जीवन शैली”

30 मार्च 2026 फैक्ट रिकॉर्डर

Himachal Desk:  धर्मशाला में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ) जिला कांगड़ा द्वारा एक प्रमुख जन संगोष्ठी का आयोजन किया गया। यह कार्यक्रम होटल डी पोलो के सभागार में आयोजित हुआ, जिसकी शुरुआत वंदे मातरम के साथ हुई। कार्यक्रम में संघ के सरकार्यवाह दत्तात्रेय होसबाले मुख्य वक्ता के रूप में शामिल हुए।

अपने संबोधन में उन्होंने कहा कि संघ ने अपने 100 वर्षों की यात्रा पूरी कर ली है और इस दौरान सेवा व समर्पण के भाव से राष्ट्र निर्माण में महत्वपूर्ण योगदान दिया है। उन्होंने बताया कि संघ की स्थापना डॉ. केशव बलिराम हेडगेवार ने विजयदशमी 1925 को देश को स्वतंत्र और सशक्त बनाने के उद्देश्य से की थी।

होसबाले ने कहा कि संघ का उद्देश्य समाज को संगठित, सशक्त और समर्थ बनाना है। इसके लिए संगठन व्यक्ति के व्यक्तिगत और राष्ट्रीय चरित्र निर्माण पर विशेष जोर देता है। उन्होंने कहा कि समाज की प्रगति के लिए सामूहिक प्रयास और सभी को साथ लेकर चलना बेहद जरूरी है।

उन्होंने आगे कहा कि संघ किसी एक संगठन तक सीमित नहीं है, बल्कि यह एक व्यापक राष्ट्रीय आंदोलन है और स्वयंसेवकों के लिए एक जीवन जीने की पद्धति है। संघ समाज में भेदभाव समाप्त कर समरसता स्थापित करने के लिए निरंतर कार्य कर रहा है।

अपने संबोधन में उन्होंने बताया कि वर्तमान में देशभर में एक लाख से अधिक सेवा कार्य संचालित हो रहे हैं और इतने ही स्थानों पर शाखाएं व मिलन कार्यक्रम चल रहे हैं। संघ के स्वयंसेवक समाज के विभिन्न क्षेत्रों में सक्रिय रूप से योगदान दे रहे हैं।

कार्यक्रम के दौरान सामाजिक, आर्थिक, राजनीतिक मुद्दों, शिक्षा नीति, संस्कारों और संघ में महिलाओं की भागीदारी जैसे विषयों पर भी चर्चा हुई। उपस्थित लोगों के प्रश्नों का सरकार्यवाह ने विस्तार से उत्तर दिया।

इस संगोष्ठी में जिला कांगड़ा के विभिन्न क्षेत्रों से सेवानिवृत्त सैन्य अधिकारी, प्रशासनिक अधिकारी, शिक्षाविद, व्यापारी, खिलाड़ी, जनप्रतिनिधि और कई सामाजिक संगठनों के पदाधिकारी एवं संत-महात्मा शामिल हुए।