30 मार्च 2026 फैक्ट रिकॉर्डर
Business Desk: हफ्ते के पहले कारोबारी दिन भारतीय शेयर बाजार में भारी गिरावट देखने को मिली। BSE Sensex खुलते ही करीब 1200 अंक टूट गया, जबकि Nifty 50 में भी तेज बिकवाली दर्ज की गई। इस अचानक गिरावट के चलते निवेशकों को शुरुआती मिनटों में ही करीब 7 लाख करोड़ रुपये का नुकसान झेलना पड़ा। हालांकि, कुछ समय बाद बाजार में हल्की रिकवरी देखने को मिली और सेंसेक्स गिरावट कम करते हुए करीब 73,000 के आसपास पहुंच गया।
मार्केट कैप में बड़ी गिरावट
इस गिरावट का सीधा असर कंपनियों के कुल मार्केट कैपिटलाइजेशन पर पड़ा। Bombay Stock Exchange में लिस्टेड कंपनियों का मार्केट कैप करीब 422 लाख करोड़ रुपये से घटकर लगभग 415 लाख करोड़ रुपये रह गया, जिससे निवेशकों की संपत्ति में भारी कमी आई।
गिरावट के पीछे क्या हैं बड़े कारण?
शेयर बाजार की इस गिरावट के पीछे कई वैश्विक और घरेलू कारण हैं। United States और Iran के बीच जारी तनाव ने निवेशकों की चिंता बढ़ा दी है, जिससे ग्लोबल मार्केट पर असर पड़ा है। इसके अलावा विदेशी निवेशकों (FPI) की लगातार बिकवाली भी बाजार पर दबाव बना रही है। मार्च महीने में विदेशी निवेशकों ने बड़ी मात्रा में भारतीय बाजार से पैसा निकाला है।
अन्य फैक्टर भी बने वजह
फ्यूचर्स और ऑप्शंस (F&O) की एक्सपायरी के कारण भी बाजार में उतार-चढ़ाव बढ़ा है। वहीं, एशियाई और अमेरिकी बाजारों में गिरावट का असर भारतीय बाजार पर भी पड़ा। कच्चे तेल की कीमतों में उछाल, जो $115 प्रति बैरल के पार पहुंच गई है, ने भी निवेशकों की चिंता बढ़ाई है, क्योंकि भारत अपनी जरूरत का ज्यादातर तेल आयात करता है।
निष्कर्ष
कुल मिलाकर, वैश्विक अनिश्चितता, विदेशी निवेशकों की बिकवाली और बढ़ती तेल कीमतों ने मिलकर शेयर बाजार पर दबाव बनाया है। हालांकि, शुरुआती गिरावट के बाद बाजार में थोड़ी स्थिरता जरूर दिखी, लेकिन आगे भी निवेशकों को सतर्क रहने की जरूरत है।













