चंडीगढ़/लहरागागा, 27 मार्च 2026 Fact Recorder
Punjab Desk: पंजाब के कैबिनेट मंत्री बरिंदर कुमार गोयल ने आज सरकारी सीनियर सेकेंडरी स्कूल (लड़कियां), लहरागागा की 20.16 करोड़ रुपये की लागत से बनने वाली नई इमारत का शिलान्यास कर इस महत्वपूर्ण परियोजना की शुरुआत की।
इस अवसर पर संबोधित करते हुए कैबिनेट मंत्री ने कहा कि पंजाब सरकार शिक्षा क्षेत्र को मजबूत बनाने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है और सरकारी स्कूलों को आधुनिक सुविधाओं से लैस करना सरकार की प्राथमिकता है। उन्होंने कहा कि नई इमारत के तैयार होने से छात्राओं को सुरक्षित और प्रेरणादायक शैक्षणिक वातावरण मिलेगा, जो उनके सर्वांगीण विकास में सहायक होगा।
उन्होंने बताया कि पहले इस स्कूल में स्थान की काफी कमी थी और मौजूदा भवन के कई हिस्सों को असुरक्षित घोषित किया जा चुका था, जिससे छात्राओं और स्टाफ को कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा था। इन समस्याओं को ध्यान में रखते हुए अब नई इमारत को आधुनिक डिजाइन के अनुसार तैयार किया जा रहा है, जिसमें बड़े कक्ष, बेहतर वेंटिलेशन और रोशनी, भूकंपरोधी ढांचा तथा छात्राओं के अनुकूल वातावरण सुनिश्चित किया जाएगा। उन्होंने विश्वास जताया कि यह परियोजना लगभग 7-8 महीनों में पूरी कर ली जाएगी और क्षेत्र को एक मॉडल स्कूल मिलेगा।
मंत्री ने यह भी जानकारी दी कि नई इमारत के तैयार होने के बाद स्कूल में मेडिकल, नॉन-मेडिकल और कॉमर्स धाराओं की पढ़ाई शुरू की जाएगी। इससे क्षेत्र की छात्राओं को उच्च शिक्षा के लिए दूर नहीं जाना पड़ेगा और उन्हें अपने क्षेत्र में ही गुणवत्तापूर्ण शिक्षा उपलब्ध होगी।
उन्होंने आगे बताया कि इस परियोजना के तहत विज्ञान और कंप्यूटर प्रयोगशालाएं, आधुनिक पुस्तकालय, स्मार्ट कक्षाएं, खेल सुविधाएं और स्वच्छ सैनिटेशन व्यवस्था विकसित की जाएगी। छात्राओं की सुरक्षा के लिए सीसीटीवी निगरानी सहित अन्य आवश्यक प्रबंध भी किए जाएंगे।
कैबिनेट मंत्री ने कहा कि पंजाब सरकार शिक्षा प्रणाली में गुणात्मक सुधार लाने के लिए लगातार प्रयास कर रही है, ताकि हर वर्ग के बच्चों को समान और उच्च स्तर की शिक्षा मिल सके। उन्होंने कहा कि सरकारी स्कूलों का बदलता स्वरूप इस बात का प्रमाण है कि सरकार शिक्षा के क्षेत्र में दूरगामी और प्रभावी निर्णय ले रही है।
इस मौके पर नगर परिषद लहरागागा की प्रधान और इस स्कूल की पूर्व प्रिंसिपल श्रीमती कांता गोयल, एसडीएम राकेश प्रकाश सिंह सहित अन्य विभागीय अधिकारी, स्कूल स्टाफ, छात्राएं और क्षेत्र के प्रमुख लोग उपस्थित थे।













