24 अकबर रोड बंगला खाली करने का नोटिस: 2006 की नीति बनी वजह, 2013 में ही रद्द हो चुका था आवंटन

26 मार्च 2026 फैक्ट रिकॉर्डर

National Desk:  केंद्र सरकार और भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस के बीच एक बार फिर टकराव की स्थिति बनती दिख रही है। सरकार ने कांग्रेस को दिल्ली स्थित 24 अकबर रोड और 5 रायसीना रोड के सरकारी बंगलों को खाली करने का नोटिस जारी किया है। इन दोनों स्थानों पर कांग्रेस और इंडियन यूथ कांग्रेस के दफ्तर संचालित हो रहे हैं।

कांग्रेस नेताओं के अनुसार, यह नोटिस 13 मार्च को भेजे गए थे, जिनमें 28 मार्च तक परिसर खाली करने के निर्देश दिए गए हैं। पार्टी इस कार्रवाई के खिलाफ अदालत का दरवाजा खटखटाने पर विचार कर रही है।

दरअसल, यह मामला 2006 की उस नीति से जुड़ा है, जिसे केंद्र सरकार के आवास एवं शहरी कार्य मंत्रालय के तहत लागू किया गया था। इस नीति के अनुसार, यदि किसी मान्यता प्राप्त राजनीतिक दल को अपना स्थायी कार्यालय बनाने के लिए जमीन आवंटित की जाती है, तो उसे तीन साल के भीतर पुराने सरकारी बंगलों को खाली करना अनिवार्य होता है।

कांग्रेस को दीनदयाल उपाध्याय मार्ग पर जमीन आवंटित की गई थी, जहां ‘इंदिरा भवन’ नाम से नया मुख्यालय तैयार किया गया और 2025 में इसका निर्माण पूरा हुआ। इसके बावजूद पार्टी ने 24 अकबर रोड और रायसीना रोड के परिसरों को खाली नहीं किया।

सरकारी रिकॉर्ड के अनुसार, इन बंगलों का आवंटन 26 जून 2013 को ही रद्द कर दिया गया था। हालांकि कांग्रेस ने 26 अकबर रोड का परिसर खाली कर दिया था, लेकिन बाकी जगहों पर कब्जा बरकरार रखा।

इसी तरह भारतीय जनता पार्टी ने भी 11 अशोक रोड स्थित अपने पुराने मुख्यालय को नए कार्यालय में शिफ्ट होने के बाद कुछ समय तक खाली नहीं किया था।

सरकारी सूत्रों का कहना है कि 2006 की नीति के तहत सभी राजनीतिक दलों पर समान नियम लागू होते हैं, और नए मुख्यालय मिलने के बाद पुराने सरकारी बंगलों को खाली करना अनिवार्य है।