24 मार्च 2026 फैक्ट रिकॉर्डर
Business Desk: सिगरेट पीने की आदत केवल स्वास्थ्य के लिए ही नहीं बल्कि आर्थिक स्थिति के लिए भी नुकसानदायक साबित होती है। अगर रोजाना सिगरेट पर खर्च होने वाले पैसों को बचाकर निवेश किया जाए, तो कुछ वर्षों में बड़ी रकम तैयार की जा सकती है। विशेषज्ञों के अनुसार यदि कोई व्यक्ति सिगरेट छोड़कर वही पैसा हर महीने SIP (Systematic Investment Plan) में लगाए, तो कंपाउंडिंग की ताकत से 10 साल में 15 से 20 लाख रुपये तक का फंड बन सकता है।
पिछले दो दशकों में सिगरेट की कीमतों में भारी बढ़ोतरी हुई है। साल 2005 में जो पैकेट करीब 59 रुपये में मिलता था, उसकी कीमत 2026 में बढ़कर लगभग 480 रुपये तक पहुंच गई है। इस तरह करीब 21 साल में सिगरेट के दामों में 700 प्रतिशत से अधिक की वृद्धि दर्ज की गई है।
अगर कोई व्यक्ति रोजाना लगभग 10 सिगरेट पीता है, तो प्रीमियम ब्रांड के हिसाब से उसका मासिक खर्च करीब 7,000 से 8,000 रुपये तक पहुंच जाता है। सालाना यह राशि लगभग 80,000 से 90,000 रुपये हो जाती है, जो कई वेतनभोगी लोगों की आय का बड़ा हिस्सा है। भारत में करीब 13 करोड़ लोग धूम्रपान करते हैं, जिससे यह खर्च बड़े स्तर पर देखा जाए तो काफी बड़ा आर्थिक नुकसान बन जाता है।
वित्तीय नजरिए से देखें तो यदि यही राशि नियमित रूप से शेयर बाजार से जुड़े इंडेक्स फंड या निफ्टी आधारित SIP में निवेश की जाए और औसतन 12 प्रतिशत सालाना रिटर्न माना जाए, तो 10 साल में यह रकम करीब 15 से 20 लाख रुपये तक पहुंच सकती है। वहीं 15 साल में यह राशि लगभग 35 से 40 लाख और 20 साल में 60 से 70 लाख रुपये तक हो सकती है।
इसके अलावा धूम्रपान से कैंसर, दमा और सांस संबंधी बीमारियों का खतरा भी बढ़ता है, जिनके इलाज पर अलग से खर्च करना पड़ता है। यदि हर महीने औसतन 500 रुपये का मेडिकल खर्च भी जोड़ लिया जाए, तो सालाना 6,000 रुपये और 40 साल में करीब 2.4 लाख रुपये सिर्फ इलाज पर खर्च हो सकते हैं। ऐसे में विशेषज्ञों का मानना है कि सिगरेट छोड़कर उसी पैसे को निवेश में बदलना बेहतर और सुरक्षित भविष्य बनाने का एक समझदारी भरा कदम हो सकता है।













