17 मार्च 2026 फैक्ट रिकॉर्डर
Haryana Desk: हरियाणा में राज्यसभा की दो सीटों के लिए हुए चुनाव में बेहद रोमांचक मुकाबला देखने को मिला। नाटकीय घटनाक्रम के बीच एक सीट पर Bharatiya Janata Party और दूसरी सीट पर Indian National Congress ने जीत दर्ज की। भाजपा उम्मीदवार संजय भाटिया की जीत लगभग तय मानी जा रही थी, जबकि कांग्रेस उम्मीदवार कर्मवीर बौद्ध को जीत के लिए कड़ी टक्कर का सामना करना पड़ा।
कर्मवीर बौद्ध ने भाजपा समर्थित निर्दलीय उम्मीदवार सतीश नांदल को महज तीन वोटों के अंतर से हराकर जीत हासिल की। देर रात करीब 1:15 बजे मतगणना पूरी होने के बाद दोनों उम्मीदवारों की जीत पर मुहर लगी, हालांकि उस समय तक रिटर्निंग अधिकारी की औपचारिक घोषणा बाकी थी।
हुड्डा खेमे के लिए बड़ी राहत
कांग्रेस की इस जीत को विपक्ष के नेता Bhupinder Singh Hooda के लिए बड़ी राजनीतिक सफलता माना जा रहा है। पिछले दो राज्यसभा चुनावों में हार के बाद कांग्रेस ने इस बार जीत हासिल कर अपनी साख बचा ली।
हालांकि बताया जा रहा है कि कर्मवीर बौद्ध को Rahul Gandhi का समर्थन था, जबकि कांग्रेस के कई विधायक उनके पक्ष में पूरी तरह एकजुट नहीं थे। इसके बावजूद क्रॉस वोटिंग और विवादों के बीच उन्होंने जीत दर्ज कर ली।
कितने वोट मिले?
90 सदस्यीय विधानसभा में 88 विधायकों ने मतदान किया।
संजय भाटिया (भाजपा) – 33 वोट
कर्मवीर बौद्ध (कांग्रेस) – 28 वोट
सतीश नांदल (निर्दलीय) – 25 वोट
भाजपा ने रणनीति के तहत संजय भाटिया को जरूरत से अधिक वोट दिलवाए, ताकि यदि कोई वोट रद्द हो जाए तो भी उनकी जीत सुरक्षित रहे।
वोट रद्द होने पर हुआ विवाद
मतदान के बाद दोनों दलों ने एक-दूसरे के विधायकों के वोट रद्द कराने की शिकायत की। कांग्रेस ने कैबिनेट मंत्री Anil Vij के वोट पर आपत्ति जताई, जबकि भाजपा ने कांग्रेस विधायकों भरत सिंह बेनीवाल और परमवीर सिंह के वोट पर सवाल उठाया।
मामला Election Commission of India तक पहुंचा। आयोग ने सुनवाई के बाद अनिल विज और भरत सिंह बेनीवाल के वोट को वैध माना, जबकि परमवीर सिंह का वोट रद्द कर दिया गया।
सुबह से तेज रहा मतदान
मतदान सुबह 9 बजे शुरू हुआ और शुरुआत से ही विधायकों का विधानसभा पहुंचना जारी रहा। सबसे पहले मुख्यमंत्री Nayab Singh Saini ने अपना वोट डाला।
सुबह 11:15 बजे तक 25 विधायक मतदान कर चुके थे
दोपहर 12:15 बजे तक संख्या 40 हो गई
1:15 बजे तक 62 विधायक वोट डाल चुके थे
दोपहर 2:50 बजे तक कुल 87 विधायक मतदान कर चुके थे
विधानसभा अध्यक्ष Harvinder Kalyan हरिद्वार में अपनी माता के अस्थि विसर्जन के कारण देर से पहुंचे और अंत में मतदान किया।
इस तरह हरियाणा राज्यसभा चुनाव में रोमांचक मुकाबले के बाद भाजपा और कांग्रेस दोनों को एक-एक सीट मिली, जिससे राज्य की राजनीति में नया संतुलन देखने को मिला।













