मंदी के बाद आती है महा-तेजी! 20 साल का इतिहास बताता है—जब-जब गिरा बाजार, तब-तब निवेशकों ने कमाया बड़ा मुनाफा

17 मार्च 2026 फैक्ट रिकॉर्डर

Business Desk:  हाल ही में पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव के कारण भारतीय शेयर बाजार में तेज उतार-चढ़ाव देखने को मिला है। ईरान, इजराइल और अमेरिका के बीच बढ़ते टकराव का असर बाजार पर भी पड़ा और एक ही हफ्ते में प्रमुख इंडेक्स करीब 8% तक गिर गए। हालांकि इतिहास बताता है कि बाजार की बड़ी गिरावटें अक्सर भविष्य की बड़ी तेजी का संकेत भी देती हैं।

दरअसल, Nifty 50 ने पिछले कई दशकों में कई बड़े वैश्विक संकटों का सामना किया है, लेकिन हर बार यह पहले से ज्यादा मजबूती के साथ वापस लौटा है।

2000-2002: टेक बबल का असर

साल 2000 के आसपास दुनिया भर में इंटरनेट कंपनियों को लेकर भारी उत्साह था, जिसे डॉट-कॉम बबल कहा गया। जब यह बुलबुला फूटा तो वैश्विक शेयर बाजारों में भारी गिरावट आई।

इस दौरान भारतीय बाजार भी प्रभावित हुआ और Nifty 50 अपने उच्च स्तर से करीब 51% तक गिर गया। हालांकि भारत की अर्थव्यवस्था में तेजी आने के साथ ही कुछ ही वर्षों में बाजार ने शानदार वापसी की और 2005 तक नुकसान की भरपाई कर ली

2008: ग्लोबल फाइनेंशियल क्राइसिस

साल 2008 में अमेरिकी निवेश बैंक Lehman Brothers के दिवालिया होने से पूरी दुनिया में आर्थिक संकट फैल गया।इस संकट के दौरान निफ्टी इंडेक्स कुछ ही महीनों में करीब 59% तक गिर गया, जो उस समय इसकी सबसे बड़ी गिरावटों में से एक थी। लेकिन इसके बाद बाजार धीरे-धीरे संभला और 2013 तक निफ्टी ने अपने सभी पुराने रिकॉर्ड तोड़ दिए

2020: कोरोना महामारी का झटका

साल 2020 में जब दुनिया भर में COVID-19 महामारी फैली, तो वैश्विक अर्थव्यवस्था पर गहरा असर पड़ा। भारत में भी कुछ ही हफ्तों में निफ्टी करीब 37% तक गिर गया

हालांकि सरकार के प्रोत्साहन पैकेज और निवेशकों की बढ़ती भागीदारी से बाजार में V-शेप रिकवरी देखने को मिली और एक साल के भीतर इंडेक्स लगभग दोगुना हो गया

इतिहास क्या बताता है?

विश्लेषकों का कहना है कि बाजार में गिरावट के समय घबराकर निवेश निकाल लेना अक्सर नुकसान को पक्का कर देता है। वहीं जो निवेशक धैर्य रखते हैं और लंबे समय तक निवेश बनाए रखते हैं, उन्हें समय के साथ अच्छा रिटर्न मिलता है।

लंबी अवधि में शानदार रिटर्न

नवंबर 1995 में लॉन्च होने के बाद से Nifty 50 ने निवेशकों को मजबूत रिटर्न दिया है।

  • Total Return Index: करीब 12.74% सालाना रिटर्न

  • Price Return Index: लगभग 11.23% सालाना रिटर्न

रोलिंग रिटर्न के आधार पर देखा जाए तो इस इंडेक्स ने 7 या 10 साल की किसी भी निवेश अवधि में नेगेटिव रिटर्न दर्ज नहीं किया