केरल चुनाव में कांग्रेस के खिलाफ प्रचार करेंगे तेजस्वी यादव, LDF के साथ मिलकर मैदान में उतरेगी RJD

16 मार्च 2026 फैक्ट रिकॉर्डर

Politics Desk:  देश में विधानसभा चुनावों की घोषणा के साथ ही राजनीतिक गतिविधियां तेज हो गई हैं। दक्षिण भारत के राज्य केरल में भी चुनावी माहौल गर्म हो गया है। यहां मुख्य मुकाबला आमतौर पर दो बड़े गठबंधनों—लेफ्ट डेमोक्रेटिक फ्रंट (LDF) और यूनाइटेड डेमोक्रेटिक फ्रंट (UDF)—के बीच होता है, जबकि बीजेपी के नेतृत्व वाला एनडीए भी अपनी मौजूदगी मजबूत करने की कोशिश में है।

इसी बीच राष्ट्रीय जनता दल (RJD) ने बड़ा ऐलान किया है। पार्टी के कार्यकारी अध्यक्ष तेजस्वी यादव ने कहा है कि उनकी पार्टी केरल विधानसभा चुनाव में सत्तारूढ़ LDF के सहयोगी के रूप में चुनाव लड़ेगी। इसका मतलब है कि केरल में RJD कांग्रेस के नेतृत्व वाले UDF के खिलाफ चुनावी मैदान में उतरेगी।

तेजस्वी यादव ने रविवार को बिहार में महागठबंधन के विधायकों के साथ हुई बैठक के बाद यह घोषणा की। यह बैठक राज्यसभा की पांच सीटों के लिए होने वाली वोटिंग से ठीक पहले बुलाई गई थी। तेजस्वी ने कहा कि उनकी पार्टी पहले भी केरल विधानसभा चुनाव लड़ चुकी है और इस बार भी वह LDF को सत्ता में बनाए रखने के लिए पूरी ताकत लगाएगी।

दिलचस्प बात यह है कि बिहार और केरल की सियासत में बड़ा अंतर देखने को मिलता है। बिहार में RJD, कांग्रेस और वाम दल एक साथ महागठबंधन का हिस्सा हैं, जबकि केरल में कांग्रेस और CPI(M) अलग-अलग मोर्चों का नेतृत्व करते हुए एक-दूसरे के खिलाफ चुनाव लड़ते हैं। ऐसे में बिहार में सहयोगी दल केरल में आमने-सामने नजर आएंगे।

निर्वाचन आयोग ने हाल ही में पांच राज्यों और एक केंद्र शासित प्रदेश में विधानसभा चुनाव की तारीखों का ऐलान किया है। केरल में 9 अप्रैल को एक ही चरण में मतदान होगा, जबकि वोटों की गिनती 4 मई को की जाएगी। इससे पहले 2021 के विधानसभा चुनाव में भी RJD ने केरल में किस्मत आजमाई थी, लेकिन उसे खास सफलता नहीं मिली थी।