गुरदासपुर एनकाउंटर मामला: रणजीत की मौ*त पर हाईकोर्ट सख्त, पंजाब और केंद्र सरकार को नोटिस

06 मार्च 2026 फैक्ट रिकॉर्डर

Punjab Desk: पंजाब के गुरदासपुर जिले में 19 वर्षीय युवक रणजीत सिंह की कथित पुलिस मुठभेड़ में मौत के मामले में Punjab and Haryana High Court ने पंजाब सरकार और केंद्र सरकार को नोटिस जारी कर जवाब मांगा है। यह आदेश मृतक की मां सुखजिंदर कौर द्वारा दायर याचिका पर दिया गया है, जिसमें मुठभेड़ को अवैध, मनमानी और असंवैधानिक बताते हुए निष्पक्ष जांच की मांग की गई है।

याचिका में सुखजिंदर कौर ने अदालत से आग्रह किया है कि मामले की जांच पुलिस अधिकारियों से अलग किसी स्वतंत्र विशेष जांच दल (SIT) से कराई जाए। साथ ही उन्होंने यह भी मांग की है कि जांच किसी वर्तमान या सेवानिवृत्त न्यायाधीश की निगरानी में हो, ताकि पूरे मामले की पारदर्शी और निष्पक्ष पड़ताल हो सके। याचिका में यह विकल्प भी दिया गया है कि अदालत चाहे तो जांच Central Bureau of Investigation (CBI) को सौंप सकती है।

याचिका के अनुसार रणजीत सिंह (19), पुत्र बिक्रमजीत सिंह, गुरदासपुर के गांव आदिया का निवासी था और उसकी मौत गुरदासपुर जिले के पुराना शाला क्षेत्र में कथित पुलिस मुठभेड़ के दौरान हुई। इस मामले में अलग-अलग थानों में तीन एफआईआर दर्ज की गई हैं। 22 फरवरी 2026 को थाना दोरांगला में एफआईआर नंबर 18, जबकि 25 फरवरी 2026 को थाना बेहरामपुर में एफआईआर नंबर 30 और थाना पुराना शाला में एफआईआर नंबर 24 दर्ज की गई। इन मामलों में भारतीय न्याय संहिता (BNS) की विभिन्न धाराओं के साथ-साथ शस्त्र अधिनियम की धारा 25 भी लगाई गई है।

याचिका में कहा गया है कि बिना निष्पक्ष जांच के पुलिस कार्रवाई को सही नहीं ठहराया जा सकता और यह मृतक के मौलिक अधिकारों, खासकर जीवन के अधिकार का गंभीर उल्लंघन है। सुखजिंदर कौर ने अदालत को बताया कि रणजीत सिंह उनका इकलौता बेटा था और उसकी मौत से परिवार पूरी तरह टूट गया है। उन्होंने अदालत से मांग की है कि मामले की स्वतंत्र जांच कराकर सच्चाई सामने लाई जाए और यदि किसी प्रकार की अनियमितता पाई जाती है तो जिम्मेदार अधिकारियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए।