05 मार्च 2026 फैक्ट रिकॉर्डर
Health Desk: Holi के दौरान लोग अक्सर मिठाइयां, तली-भुनी चीजें, नमकीन और ठंडाई का ज्यादा सेवन कर लेते हैं। ज्यादा मीठा, मसालेदार और तैलीय भोजन खाने से पाचन तंत्र पर दबाव बढ़ जाता है, जिससे कई लोगों को अपच, गैस और एसिडिटी की समस्या होने लगती है।
पेट भारी लगना, बार-बार डकार आना, पेट फूलना, गैस बनना, सीने में जलन और भूख कम लगना जैसे लक्षण अक्सर इस दौरान देखने को मिलते हैं। कई मामलों में पेट दर्द, उल्टी जैसा महसूस होना या बेचैनी भी हो सकती है।
हल्का और सुपाच्य भोजन करें
एम्स दिल्ली के गैस्ट्रोलॉजी विभाग के पूर्व विशेषज्ञ Dr. Ananya Gupta के अनुसार, होली के बाद पाचन तंत्र को सामान्य करने के लिए कुछ दिनों तक हल्का और आसानी से पचने वाला भोजन करना चाहिए। खिचड़ी, दलिया, दाल, सब्जियां और सादा खाना पेट के लिए बेहतर होता है।
कुछ समय के लिए ज्यादा तला-भुना, मसालेदार और अत्यधिक मीठा भोजन खाने से बचना चाहिए। इसके साथ ही दिनभर में पर्याप्त मात्रा में पानी पीना पाचन प्रक्रिया को बेहतर बनाने में मदद करता है।
हल्की एक्सरसाइज भी फायदेमंद
डॉक्टरों के मुताबिक सुबह की हल्की वॉक या थोड़ी शारीरिक गतिविधि करने से पाचन तंत्र सक्रिय रहता है और गैस बनने की समस्या कम हो सकती है। भोजन को धीरे-धीरे और अच्छी तरह चबाकर खाना भी जरूरी है।
लक्षण बने रहें तो डॉक्टर से सलाह लें
अगर होली के बाद पेट फूलना, तेज दर्द, उल्टी, भूख न लगना या ज्यादा एसिडिटी की समस्या लगातार बनी रहे तो इसे नजरअंदाज नहीं करना चाहिए। ऐसे में डॉक्टर से सलाह लेना जरूरी हो सकता है।
पेट की अच्छी सेहत के लिए संतुलित और पौष्टिक आहार लेना, पर्याप्त पानी पीना, नियमित व्यायाम करना और समय पर भोजन करना बेहद जरूरी है। अच्छी नींद और तनाव को नियंत्रित रखना भी पाचन तंत्र को स्वस्थ रखने में मदद करता है।













