05 मार्च 2026 फैक्ट रिकॉर्डर
National Desk: बिहार की राजनीति में बड़ा सियासी बदलाव देखने को मिल सकता है। राज्य के मुख्यमंत्री Nitish Kumar ने संकेत दिए हैं कि वह मुख्यमंत्री पद छोड़कर संसद के उच्च सदन Rajya Sabha के लिए चुनाव लड़ना चाहते हैं। जानकारी के मुताबिक 5 मार्च को राज्यसभा चुनाव के लिए नामांकन का आखिरी दिन है और इसी दिन वह अपना नामांकन दाखिल कर सकते हैं।
बताया जा रहा है कि नामांकन के दौरान केंद्रीय गृह मंत्री Amit Shah भी मौजूद रह सकते हैं।
सोशल मीडिया पोस्ट में जताई इच्छा
Nitish Kumar ने सोशल मीडिया पर पोस्ट करते हुए कहा कि लंबे समय से उनकी इच्छा थी कि वह बिहार विधानसभा के दोनों सदनों के साथ-साथ संसद के दोनों सदनों के सदस्य भी बनें। इसी क्रम में वह इस बार राज्यसभा का सदस्य बनना चाहते हैं।
उन्होंने बिहार की जनता का आभार जताते हुए कहा कि पिछले दो दशकों से मिले समर्थन के कारण ही राज्य विकास के नए आयाम तक पहुंच पाया है। साथ ही उन्होंने कहा कि जो नई सरकार बनेगी, उसे उनका पूरा सहयोग और मार्गदर्शन मिलता रहेगा।
जेडीयू कार्यकर्ताओं में नाराज़गी
इस खबर के सामने आने के बाद Janata Dal (United) के कई कार्यकर्ता मुख्यमंत्री आवास के बाहर इकट्ठा होकर विरोध जता रहे हैं। कार्यकर्ताओं का कहना है कि बिहार की जनता उन्हें ही मुख्यमंत्री के रूप में देखना चाहती है और उन्हें पद नहीं छोड़ना चाहिए।
कुछ नेताओं ने यहां तक कहा कि अगर नेतृत्व बदलना ही है तो मुख्यमंत्री पद के लिए उनके बेटे Nishant Kumar को जिम्मेदारी दी जाए और उन्हें डिप्टी सीएम या मुख्यमंत्री बनाया जाए। हालांकि इस पर अभी तक कोई आधिकारिक घोषणा नहीं हुई है।
कई बार बने बिहार के मुख्यमंत्री
Nitish Kumar बिहार के सबसे लंबे समय तक प्रभाव रखने वाले नेताओं में गिने जाते हैं। वह पहली बार मार्च 2000 में मुख्यमंत्री बने थे। इसके बाद 2005 से लेकर अब तक कई बार मुख्यमंत्री पद की शपथ ले चुके हैं।
उन्होंने केंद्र की सरकार में भी अहम जिम्मेदारियां निभाई हैं। वह पूर्व प्रधानमंत्री Atal Bihari Vajpayee की सरकार में रेल मंत्री, परिवहन मंत्री और कृषि मंत्री जैसे पद संभाल चुके हैं।
राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि अगर वह राज्यसभा जाते हैं तो बिहार की राजनीति में नेतृत्व परिवर्तन की बड़ी प्रक्रिया शुरू हो सकती है।













