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जयपुर के एसएमएस अस्पताल में 300वीं रोबोटिक सर्जरी सफल, सरकारी स्वास्थ्य सेवाओं में तकनीक की बड़ी छलांग

05 मार्च 2026 फैक्ट रिकॉर्डर

National Desk: राजस्थान के सरकारी स्वास्थ्य तंत्र में आधुनिक तकनीक की दिशा में एक बड़ी उपलब्धि दर्ज की गई है। जयपुर स्थित Sawai Man Singh Hospital (एसएमएस अस्पताल) में रोबोटिक तकनीक के जरिए 300वीं सफल सर्जरी पूरी कर ली गई है। यह उपलब्धि न केवल अस्पताल के लिए बल्कि पूरे राज्य के सरकारी चिकित्सा ढांचे के लिए एक महत्वपूर्ण मील का पत्थर मानी जा रही है।

यह सर्जरी एक ऐसे मरीज पर की गई, जिसे सड़क दुर्घटना के बाद दोनों तरफ हर्निया की समस्या हो गई थी। यह स्थिति ट्रॉमा के मामलों में बेहद दुर्लभ मानी जाती है। मरीज रामपाल (50), जो राजस्थान पुलिस में हेड कॉन्स्टेबल के पद पर तैनात हैं, पिछले साल 30 नवंबर को जयपुर के राजपार्क इलाके में ड्यूटी के दौरान एक बेकाबू ट्रक को रोकने की कोशिश में दुर्घटना का शिकार हो गए थे। हादसे के बाद उनके शरीर पर गंभीर चोटें आईं।

शुरुआत में दर्द को सामान्य समझकर इलाज कराया गया, लेकिन समय के साथ पेट के दोनों हिस्सों में सूजन और दर्द बढ़ने लगा। इसके बाद उन्होंने एसएमएस अस्पताल की ओपीडी में जांच करवाई, जहां डॉक्टरों ने दोनों तरफ हर्निया होने की पुष्टि की। मरीज को 23 फरवरी को अस्पताल में भर्ती किया गया और 28 फरवरी को रोबोटिक तकनीक से सर्जरी की गई। सफल ऑपरेशन के बाद 3 मार्च को उन्हें अस्पताल से छुट्टी दे दी गई।

करीब ढाई घंटे तक चले इस जटिल ऑपरेशन को सर्जरी विभाग की एचओडी डॉ. ऋचा जैन के मार्गदर्शन में एसोसिएट प्रोफेसर डॉ. नरेन्द्र शर्मा और उनकी टीम ने अंजाम दिया। सर्जरी के दौरान मरीज के पेट पर केवल 8-8 मिलीमीटर के तीन छोटे छेद किए गए, जिनकी मदद से पूरा ऑपरेशन सफलतापूर्वक किया गया।

डॉक्टरों के अनुसार ट्रॉमा के कारण दोनों तरफ हर्निया होना बहुत ही दुर्लभ स्थिति होती है। ऐसे मामलों में पारंपरिक ओपन सर्जरी की तुलना में रोबोटिक सर्जरी अधिक सुरक्षित और सटीक मानी जाती है। इस ऑपरेशन में सर्जरी टीम के साथ एनेस्थीसिया विभाग के कई विशेषज्ञ डॉक्टर भी मौजूद रहे।

अस्पताल के अधीक्षक डॉ. मृणाल जोशी ने बताया कि जनरल सर्जरी विभाग में रोबोटिक मशीन लगने के बाद से अब तक 300 सर्जरी सफलतापूर्वक की जा चुकी हैं। यह राजस्थान के किसी भी सरकारी अस्पताल में रोबोटिक तकनीक से की गई सर्जरी का अब तक का सबसे बड़ा आंकड़ा है।

विशेषज्ञों का कहना है कि रोबोटिक सर्जरी के कई फायदे हैं। इसमें ब्लड लॉस बहुत कम होता है, संक्रमण का खतरा घट जाता है और मरीज तेजी से स्वस्थ होकर सामान्य जीवन में लौट सकता है। कई मामलों में मरीज कुछ ही दिनों में अस्पताल से घर लौट जाता है।

रोबोटिक सर्जरी में सर्जन सीधे मरीज के पास खड़े होकर ऑपरेशन नहीं करते, बल्कि एक विशेष कंसोल पर बैठकर मशीन को नियंत्रित करते हैं। हाई-डेफिनिशन 3D विजन और अत्यंत सूक्ष्म उपकरणों की मदद से शरीर के अंदर बेहद सटीक तरीके से ऑपरेशन किया जाता है।

एसएमएस अस्पताल में 300वीं रोबोटिक सर्जरी की यह उपलब्धि इस बात का संकेत है कि अब राजस्थान के सरकारी अस्पताल भी अत्याधुनिक चिकित्सा सुविधाओं में तेजी से आगे बढ़ रहे हैं और मरीजों को बेहतर व आधुनिक इलाज उपलब्ध कराने की दिशा में नई मिसाल कायम कर रहे हैं।