02 मार्च 2026 फैक्ट रिकॉर्डर
Lifestyle Desk: हर साल 3 मार्च को विश्व श्रवण दिवस मनाया जाता है, जिसका उद्देश्य सुनने से जुड़ी समस्याओं के प्रति जागरूकता बढ़ाना है। कई लोग शिकायत करते हैं कि शांत कमरे में तो सब ठीक सुनाई देता है, लेकिन हल्की भीड़ या शोर में दूसरों की बात समझने में परेशानी होती है।
विशेषज्ञों के अनुसार, यह स्थिति ‘हिडन हियरिंग लॉस’ या ऑडिटरी प्रोसेसिंग डिसऑर्डर का संकेत हो सकती है।
क्या है ‘हिडन हियरिंग लॉस’?
इसमें कान के पर्दे सामान्य रहते हैं, लेकिन कान से मस्तिष्क तक संकेत पहुंचाने वाली नसें प्रभावित हो जाती हैं।
व्यक्ति धीमी आवाजें सुन सकता है, लेकिन शोर में शब्दों को अलग-अलग पहचानने में दिक्कत होती है।
सामान्य हियरिंग टेस्ट में यह समस्या अक्सर पकड़ में नहीं आती।
रोजाना 80 डेसिबल से अधिक शोर (जैसे तेज म्यूजिक, ट्रैफिक, हेडफोन का ज्यादा उपयोग) इसके जोखिम को बढ़ाता है।
भीड़ में न समझ पाने के लक्षण
बार-बार “क्या?” या “सॉरी?” कहना
शब्दों को गलत सुन लेना
कई लोगों के एक साथ बोलने पर झुंझलाहट
भीड़भाड़ वाली जगहों से बचने की कोशिश
कानों में घंटी या सीटी बजने जैसा अहसास (टिनिटस)
क्यों बढ़ रही है यह समस्या?
लंबे समय तक तेज आवाज में हेडफोन का उपयोग
बढ़ता ध्वनि प्रदूषण
युवाओं में तेज म्यूजिक की आदत
समय रहते ध्यान न देने पर यह समस्या स्थायी सुनने की कमी में बदल सकती है।
क्या करें?
हेडफोन का वॉल्यूम 60% से कम रखें और हर 60 मिनट बाद ब्रेक लें।
शोर वाली जगह पर नॉइज-कैंसलिंग ईयरप्लग का उपयोग करें।
ओमेगा-3 फैटी एसिड और विटामिन B12 से भरपूर आहार लें।
किसी ऑडियोलॉजिस्ट से परामर्श लेकर ‘स्पीच-इन-नॉइज’ टेस्ट करवाएं।
सुनने और समझने में अंतर
सुनना कान का काम है, लेकिन समझना मस्तिष्क का। यदि भीड़ में बात समझने में बार-बार कठिनाई हो रही है, तो इसे नजरअंदाज न करें। शुरुआती पहचान से स्थिति को बिगड़ने से रोका जा सकता है।
नोट: यह जानकारी सामान्य जागरूकता के लिए है। किसी भी लक्षण की स्थिति में विशेषज्ञ से परामर्श अवश्य लें।













