590 करोड़ का बैंक घोटाला: मनीष जिंदल-बेटे पर फर्जी फर्मों से सरकारी धन ट्रांसफर कराने का आरोप

02 मार्च 2026 फैक्ट रिकॉर्डर

Haryana Desk:  हरियाणा सरकार के खातों से 590 करोड़ रुपये की कथित धोखाधड़ी के मामले में मोहाली निवासी कारोबारी मनीष जिंदल को गिरफ्तार किया गया है। जांच एजेंसी के अनुसार, मनीष ने अपने बेटे पवन जिंदल और अन्य सहयोगियों के साथ मिलकर फर्जी फर्मों का जाल बिछाया और सरकारी धन को योजनाबद्ध तरीके से अलग-अलग खातों में ट्रांसफर कराया।

मामला IDFC First Bank में हरियाणा सरकार के खातों से संदिग्ध लेन-देन से जुड़ा है। राज्य सतर्कता एवं भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (एसीबी) की जांच में सामने आया है कि सरकारी राशि पहले ‘स्वास्तिक देश प्रोजेक्ट लिमिटेड’ नामक फर्म के खाते में डाली गई और वहां से निजी फर्मों, व्यक्तियों और ज्वेलर्स के खातों में ट्रांसफर की गई। आरोप है कि सोना खरीदकर धन को ट्रैकिंग से दूर रखने की कोशिश की गई।

एसीबी के अनुसार, मनीष जिंदल प्रभावशाली अधिकारियों और कारोबारियों से संपर्क में था। कॉल डिटेल रिकॉर्ड (सीडीआर) की जांच में बैंक अधिकारियों और अन्य आरोपियों के साथ लगातार संपर्क के संकेत मिले हैं। हालांकि अब तक किसी आईएएस अधिकारी पर प्रत्यक्ष आरोप सिद्ध नहीं हुए हैं, लेकिन जांच में इस एंगल को गंभीरता से खंगाला जा रहा है।

जांच एजेंसी ने पंचकूला कोर्ट में मनीष जिंदल को पेश कर 10 दिन की रिमांड मांगी थी, लेकिन अदालत ने पांच दिन की पुलिस रिमांड मंजूर की है। एसीबी धन के प्रवाह, लाभार्थियों और खरीदी गई संपत्तियों का ब्यौरा जुटा रही है। अब तक 1800 से अधिक बैंक खाते फ्रीज किए जा चुके हैं।

इस मामले में पूर्व बैंक मैनेजर रिभव ऋषि, फर्म के मालिक अभिषेक और उनके सहयोगी अभय कुमार समेत कई लोगों से पूछताछ जारी है। एसीबी विभिन्न स्थानों पर छापेमारी कर डिजिटल साक्ष्य और दस्तावेज जुटा रही है।

जांच एजेंसी का मानना है कि यह सिर्फ बैंकिंग गड़बड़ी नहीं, बल्कि बहुस्तरीय वित्तीय साजिश है, जिसमें फर्जी दस्तावेज, बोगस कंपनियां और प्रभावशाली संपर्कों का इस्तेमाल कर सरकारी खजाने को भारी नुकसान पहुंचाया गया। आने वाले दिनों में पूछताछ और डिजिटल फॉरेंसिक जांच से और बड़े खुलासे होने की संभावना है।