डिजिटल बैंकिंग पर पीएम मोदी की ‘मास्टर क्लास’: KYC, OTP और साइबर फ्रॉड से बचाव के बताए गोल्डन रूल्स

23 फरवरी 2026 फैक्ट रिकॉर्डर

Business Desk:  प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 22 फरवरी को ‘मन की बात’ कार्यक्रम के जरिए देशवासियों को डिजिटल बैंकिंग को लेकर अहम संदेश दिया। उन्होंने आम लोगों से KYC और re-KYC समय पर पूरा करने की अपील करते हुए कहा कि यह सिर्फ एक औपचारिकता नहीं, बल्कि आपके पैसे और निजी जानकारी की सुरक्षा की गारंटी है। पीएम मोदी ने बताया कि बैंक ग्राहकों से बार-बार डिटेल्स अपडेट करने को इसलिए कहते हैं, ताकि बढ़ते डिजिटल ट्रांजैक्शन के दौर में अकाउंट पूरी तरह सुरक्षित रहे।

प्रधानमंत्री ने समझाया कि आज पेंशन, सब्सिडी, इंश्योरेंस, UPI और कई सरकारी व निजी सेवाएं सीधे बैंक अकाउंट से जुड़ी हैं। ऐसे में अगर KYC अपडेट नहीं है, तो न सिर्फ सेवाएं रुक सकती हैं, बल्कि अकाउंट साइबर फ्रॉड के खतरे में भी आ सकता है। उन्होंने कहा कि KYC एक जरूरी वेरिफिकेशन प्रोसेस है, जिससे मनी लॉन्ड्रिंग, धोखाधड़ी और अन्य वित्तीय अपराधों को रोका जा सकता है।

साइबर फ्रॉड को लेकर पीएम मोदी ने कड़ी चेतावनी दी। उन्होंने कहा कि आजकल फ्रॉड कॉल, फर्जी SMS और नकली लिंक के जरिए लोगों को ठगा जा रहा है। ऐसे में कभी भी किसी अनजान कॉल या मैसेज पर भरोसा न करें। उन्होंने साफ कहा कि KYC या बैंक से जुड़ा कोई भी काम केवल ऑफिशियल बैंक ब्रांच, अधिकृत ऐप या आधिकारिक चैनल के जरिए ही करें।

प्रधानमंत्री ने सेफ बैंकिंग के कुछ ‘गोल्डन रूल्स’ भी बताए। उन्होंने कहा कि OTP, आधार नंबर, बैंक अकाउंट डिटेल्स या पासवर्ड किसी के साथ साझा न करें और अपने पासवर्ड को समय-समय पर बदलते रहें। साथ ही रोजमर्रा के डिजिटल लेन-देन में बेसिक साइबर सेफ्टी अपनाने की सलाह दी।

अंत में पीएम मोदी ने सुरक्षित बैंकिंग आदतों को आत्मनिर्भर भारत और मजबूत डिजिटल अर्थव्यवस्था से जोड़ा। उन्होंने कहा कि जब नागरिक सुरक्षित होंगे, तभी देश मजबूत होगा। समय पर KYC और डिजिटल सतर्कता न सिर्फ आपके पैसे को सुरक्षित रखती है, बल्कि देश की डिजिटल इकोनॉमी को भी मजबूती देती है।