भारत निर्वाचन आयोग एवं राज्य निर्वाचन आयुक्तों का को राष्ट्रीय गोलमेज सम्मेलन आयोजित होगा

भारत निर्वाचन आयोग एवं राज्य निर्वाचन आयुक्तों का को राष्ट्रीय गोलमेज सम्मेलन आयोजित होगा

चण्डीगढ 23 फरवरी 2026 Fact Recorderमंगलवार 

Haryana Desk:  भारत निर्वाचन आयोग 24 फरवरी 2026 मंगलवार को भारत मंडपम, नई दिल्ली में निर्वाचन आयोग एवं राज्य निर्वाचन आयुक्तों का राष्ट्रीय गोलमेज सम्मेलन आयोजित करेगा। यह सम्मेलन 27 वर्षों के अंतराल के बाद आयोजित किया जा रहा है। इससे पूर्व ऐसा सम्मेलन वर्ष 1999 में आयोजित किया गया था।

गोलमेज सम्मेलन की अध्यक्षता मुख्य निर्वाचन आयुक्त श्री ज्ञानेश कुमार करेंगे। इस अवसर पर निर्वाचन आयुक्त डॉ. सुखबीर सिंह संधू एवं डॉ. विवेक जोशी भी उपस्थित रहेंगे।

सभी राज्यों एवं केंद्र शासित प्रदेशों के राज्य निर्वाचन आयुक्त अपने कानूनी एवं तकनीकी विशेषज्ञों सहित सम्मेलन में भाग लेंगे। सभी 36 राज्यों एवं केंद्र शासित प्रदेशों के मुख्य निर्वाचन अधिकारी भी सम्मेलन में भाग रहेंगे।

इस गोलमेज सम्मेलन का मुख्य उद्देश्य निर्वाचन प्रक्रियाओं एवं व्यवस्थाओं के संदर्भ में निर्वाचन आयोग और राज्य निर्वाचन आयोग के कार्यों में समन्वय स्थापित करना है, ताकि वे अपने-अपने कानूनी ढांचे के अंतर्गत बेहतर तालमेल से कार्य कर सकें। विचार-विमर्श से रचनात्मक संवाद को बढ़ावा देने तथा निर्वाचन प्रबंधन में सहकारी संघीयता की भावना को   सुदृढ़ करना है।

एक दिवसीय सम्मेलन में ईवीएम, मतदाता सूची के विषयों सहित निर्वाचन प्रक्रियाओं को सुदृढ़ करने और प्रौद्योगिकी के साझा उपयोग पर चर्चा की जाएगी। आयोग के वरिष्ठ अधिकारी हाल ही में प्रारंभ किए गए ईसीआईनेट डिजिटल प्लेटफॉर्म सहित प्रमुख तकनीकी एवं कार्यान्वित पहलों पर प्रस्तुतियां देंगे तथा इसके माध्यम से निर्वाचन सेवाओं को सुव्यवस्थित करने की बदलावकारी संभावनाओं को रेखांकित करेंगे। प्रस्तुतियों में इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग मशीनों की मजबूती, पारदर्शिता एवं सुरक्षा उपायों को भी उजागर किया जाएगा।

राज्यों/केंद्र शासित प्रदेशों द्वारा दी जाने वाली तुलनात्मक प्रस्तुति जनप्रतिनिधित्व अधिनियम 1950 के संदर्भ में चुनावी मतदाता सूची मतदाताओं की पात्रता की तैयारी से संबंधित कानूनी प्रावधानों पर सार्थक चर्चा के लिए दी जाएगी।राज्य निर्वाचन आयोगों का गठन संविधान के 73वें एवं 74वें संशोधनों के प्रावधानों के अंतर्गत संबंधित राज्यों के कानूनों द्वारा किया गया है। संविधान के अनुच्छेद 243 के एवं 243 ए के तहत पंचायती राज संस्थाओं एवं नगर निकायों के चुनावों के लिए मतदाता सूचियों की तैयारी तथा चुनावों के संचालन, निर्देशन एवं नियंत्रण का दायित्व राज्य निर्वाचन आयोगों को सौंपा गया है।