Jail Iftar Ramzan: राजस्थान की जेलों में बाहर से इफ्तार-सहरी पर रोक, अब सिर्फ जेल कंज्यूमर स्टोर से मिलेगा सामान

23 फरवरी 2026 फैक्ट रिकॉर्डर

National Desk:  रमजान के पवित्र महीने के बीच राजस्थान जेल प्रशासन ने एक अहम फैसला लिया है। नए आदेश के मुताबिक अब जेलों में बंद मुस्लिम कैदियों के लिए बाहर से सीधे इफ्तार या सहरी का खाना नहीं भेजा जा सकेगा। यह व्यवस्था पूरे राज्य की सभी सेंट्रल, डिस्ट्रिक्ट और सब-जेलों में लागू होगी।

जेल विभाग द्वारा 17 फरवरी को जारी आदेश में कहा गया है कि रमजान के दौरान इफ्तार-सहरी से जुड़ा सारा सामान केवल अधिकृत जेल कंज्यूमर स्टोर से ही खरीदा जाएगा। यदि कोई सामाजिक या धार्मिक संगठन कैदियों के लिए भोजन की व्यवस्था करना चाहता है, तो उसे पहले जेल स्टोर में ऑर्डर देना होगा। स्टोर सामान खरीदेगा, डोनर से भुगतान लेगा और फिर जेल प्रशासन के जरिए कैदियों तक वितरण कराया जाएगा।

अब तक की व्यवस्था में कई सामाजिक और धार्मिक संगठन रमजान के दौरान रोजा रखने वाले कैदियों को फल, खजूर, पैकेज्ड फूड और ड्रिंक्स उपलब्ध कराते थे। लेकिन नए निर्देशों के बाद जब कुछ संगठनों ने जेल में इफ्तार सामग्री पहुंचाने की कोशिश की, तो उन्हें वापस लौटा दिया गया।

इस फैसले पर प्रतिक्रिया देते हुए जमीत-उल-कुरैश के वाइस-प्रेसिडेंट इलियास कुरैशी ने कहा कि कम्युनिटी द्वारा तैयार किए गए इफ्तार पैकेट में जो वैरायटी और न्यूट्रिशनल वैल्यू होती है, उसे डिपार्टमेंटल स्टोर के जरिए पूरा कर पाना मुश्किल है।

वहीं, प्रोग्रेसिव मुस्लिम अलायंस के अध्यक्ष अब्दुल सलाम जौहर ने चिंता जताई कि रोजा रखने वालों को सेहरी और इफ्तार में खास पोषण की जरूरत होती है, जो लंबे समय तक भूखे-प्यासे रहने में मदद करता है। उनका कहना है कि जेल स्टोर की सीमित व्यवस्था इस जरूरत को पूरा नहीं कर पाएगी और यह कैदियों के “राइट टू चॉइस” का भी उल्लंघन है।

इस पूरे मामले पर राजस्थान के डीजी (जेल) अशोक राठौर ने स्पष्ट किया कि आदेश मौजूदा नियमों के अनुरूप है। उन्होंने कहा कि सुरक्षा कारणों से बाहर से आने वाले खाने पर पूरी तरह भरोसा नहीं किया जा सकता। हालांकि, डोनर जेल के तय स्टोर से सामान खरीदकर इफ्तार की व्यवस्था अब भी कर सकते हैं और वितरण की जिम्मेदारी जेल प्रशासन निभाएगा।