21 फरवरी 2026 फैक्ट रिकॉर्डर
Health Desk: DIP डाइट का पूरा नाम Diet Intervention and Prevention है। यह एक प्लांट-बेस्ड और लो-फैट डाइट पैटर्न है, जिसमें प्राकृतिक, सादा और बिना प्रोसेस्ड भोजन को प्राथमिकता दी जाती है। इस डाइट में साबुत अनाज, दालें, बीन्स, हरी पत्तेदार सब्जियां और मौसमी फलों को शामिल किया जाता है, जबकि रिफाइंड आटा, चीनी, पैकेज्ड फूड, तली-भुनी चीजें और अधिक तेल-घी से परहेज किया जाता है। इसका मुख्य उद्देश्य शरीर को फाइबर से भरपूर पोषण देना और मेटाबॉलिज्म को बेहतर बनाना है।
किन बीमारियों में DIP डाइट लाभकारी है?
डॉ. सुभाष गिरि के अनुसार DIP डाइट खासतौर पर लाइफस्टाइल से जुड़ी बीमारियों में फायदेमंद मानी जाती है। टाइप-2 डायबिटीज के मरीजों में यह ब्लड शुगर को नियंत्रित करने में मदद कर सकती है, जबकि हाई ब्लड प्रेशर में नमक और फैट कम होने से रक्तचाप संतुलित रहता है। हार्ट डिजीज के मामलों में प्लांट-बेस्ड भोजन कोलेस्ट्रॉल घटाने में सहायक होता है। इसके अलावा मोटापा कम करने, फैटी लिवर की समस्या सुधारने और पाचन तंत्र को मजबूत बनाने में भी यह डाइट उपयोगी साबित हो सकती है। हालांकि किसी भी बीमारी में इसे अपनाने से पहले डॉक्टर की सलाह लेना जरूरी है।













