ईशान–अभिषेक के खिलाफ 34 साल पुरानी चाल

20 फरवरी 2026 फैक्ट रिकॉर्डर

Sports Desk:  T20 World Cup 2026 में टीम इंडिया ने भले ही लगातार जीत के साथ सुपर-8 में जगह बनाई हो, लेकिन ग्रुप स्टेज में एक पुरानी कमजोरी साफ दिखी—ऑफ स्पिन के खिलाफ टॉप ऑर्डर का संघर्ष। यह वही रणनीति है जिसे 1992 वनडे वर्ल्ड कप में मार्टिन क्रो ने लोकप्रिय किया था, जहां पावरप्ले में ऑफ स्पिन से बड़े बल्लेबाज़ों की रफ्तार पर ब्रेक लगाया गया था।

ऑफ स्पिन बनाम लेफ्ट-हैंड टॉप ऑर्डर
भारत के ओपनर ईशान किशन और अभिषेक शर्मा दोनों लेफ्ट-हैंडर हैं। ऑफ स्पिन गेंद अंदर आती है, जिससे रन बनाना मुश्किल होता है और LBW/कैच के मौके बढ़ते हैं। नतीजा यह रहा कि ग्रुप स्टेज में भारत के 31 विकेटों में से 11 विकेट ऑफ स्पिनरों ने चटकाए—लगभग हर तीसरा विकेट।

किन टीमों ने उठाया फायदा
ग्रुप स्टेज में पाकिस्तान ने ऑफ स्पिन से शुरुआत कर अभिषेक का विकेट निकाला। नीदरलैंड ने भी यही पैटर्न अपनाते हुए दोनों ओपनर्स को फंसाया। नामीबिया के खिलाफ भी ऑफ स्पिन ने भारत को लगातार दबाव में रखा।

सुपर-8 में क्यों बढ़ेगा खतरा
सुपर-8 में दक्षिण अफ्रीका, जिम्बाब्वे और वेस्ट इंडीज जैसे विपक्ष होंगे, जिनके पास असरदार ऑफ स्पिन विकल्प हैं। साथ ही कोलंबो की धीमी पिच और अहमदाबाद की बड़ी बाउंड्री फिंगर स्पिन को और मदद देती हैं।

निष्कर्ष
टीम इंडिया जीत के बावजूद एक जानी-पहचानी चाल में फंसती दिख रही है। अगर ऑफ स्पिन के खिलाफ पावरप्ले में ठोस जवाब नहीं मिला, तो सुपर-8 में यही कमजोरी बड़ा फर्क डाल सकती है।