16 फरवरी 2026 फैक्ट रिकॉर्डर
Himachal Desk: शिमला में सोमवार, 16 फरवरी को दोपहर 2 बजे से हिमाचल प्रदेश विधानसभा का बजट सत्र शुरू हो गया। सत्र की शुरुआत राज्यपाल शिव प्रताप शुक्ल के अभिभाषण से हुई, जो महज दो मिनट एक सेकेंड में समाप्त हो गया। राज्यपाल ने कहा कि अभिभाषण के पैरा 3 से 16 तक संवैधानिक संस्थाओं पर टिप्पणी है, जिन्हें पढ़ना वह उचित नहीं समझते, जबकि पैरा 17 के बाद सरकार की उपलब्धियां हैं, जिन्हें सभी विधायकों को पढ़ना चाहिए।
इसके बाद सदन की कार्यवाही को 2:45 बजे तक स्थगित कर दिया गया। कार्यवाही दोबारा शुरू होने पर शोकोदगार प्रस्ताव रखा गया। सदन में मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू और नेता प्रतिपक्ष जयराम ठाकुर ने कुमारसैन के पूर्व विधायक भगत राम चौहान के निधन पर शोक व्यक्त किया। विभिन्न विधायकों और मंत्रियों ने उनके योगदान को याद करते हुए श्रद्धांजलि दी।
बजट सत्र के उद्घाटन के दिन मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू को विधानसभा परिसर में हिमाचल प्रदेश पुलिस द्वारा गार्ड ऑफ ऑनर दिया गया। इससे पहले सत्र को सुचारू रूप से चलाने के लिए विधानसभा अध्यक्ष कुलदीप सिंह पठानिया की अध्यक्षता में सर्वदलीय बैठक बुलाई गई। बैठक के बाद मुख्यमंत्री ने मीडिया से बातचीत में कहा कि राजस्व घाटा अनुदान (आरडीजी) पर राजनीति नहीं होनी चाहिए। उन्होंने इसे युवाओं के रोजगार, गरीबों और किसानों से जुड़ा मुद्दा बताया।
वहीं नेता प्रतिपक्ष जयराम ठाकुर ने बजट सत्र को लेकर सवाल उठाते हुए कहा कि स्थिति असमंजस भरी है और यह स्पष्ट नहीं है कि बजट कब पेश किया जाएगा। विधानसभा अध्यक्ष कुलदीप सिंह पठानिया ने कहा कि बैठक सकारात्मक माहौल में हुई है और सभी मुद्दों पर चर्चा की गई है। उन्होंने संकेत दिए कि जरूरत पड़ने पर सत्र की अवधि बढ़ाई जा सकती है।
राज्यपाल के अभिभाषण के बाद पहले ही दिन केंद्र सरकार द्वारा आरडीजी बंद किए जाने के मुद्दे पर नियम 102 के तहत चर्चा का प्रस्ताव कार्यसूची में शामिल कर लिया गया है। इसे लेकर सत्तापक्ष और विपक्ष के बीच तीखी बहस और हंगामे के पूरे आसार हैं।













