16 फरवरी 2026 फैक्ट रिकॉर्डर
Business Desk: दिल्ली-एनसीआर के आवासीय बाजार में बीते साल कीमतों की रफ्तार भले धीमी रही हो, लेकिन स्थिर बढ़ोतरी ने बाजार में संतुलन के संकेत दिए हैं। रियल एस्टेट सलाहकार कंपनी PropTiger के ताजा आंकड़ों के मुताबिक, 2025 में देश के शीर्ष आठ शहरों में औसत आवास कीमतों की सालाना वृद्धि घटकर 6% रह गई, जबकि 2024 में यह बढ़ोतरी 17% थी।
प्रॉपटाइगर का अधिग्रहण हाल ही में सूचीबद्ध कंपनी Auram PropTech ने किया है। कंपनी के कार्यकारी निदेशक ओंकार शेट्ये के अनुसार, बिक्री की मात्रा में नरमी के बावजूद कीमतों में मजबूती यह दर्शाती है कि बाजार अब अधिक अनुशासित और आपूर्ति-संतुलित हो चुका है। डेवलपर्स ने इन्वेंट्री मैनेजमेंट बेहतर किया है, जिससे 2026 के लिए स्थिर मूल्य आधार तैयार हुआ है।
दिल्ली-एनसीआर में क्या रहे हाल?
Delhi NCR में औसत कीमतें 6% बढ़कर 8,105 रुपये प्रति वर्ग फुट से 8,570 रुपये प्रति वर्ग फुट हो गईं। 2024 में आई तेज उछाल (49%) के मुकाबले यह वृद्धि काफी नियंत्रित रही। विशेषज्ञों का मानना है कि 2022-24 के दौरान तेज बढ़ोतरी के बाद मांग में कुछ नरमी आई, जिससे कीमतों की रफ्तार कम हुई।
किस शहर में कितना इजाफा?
Bengaluru: 13% की सबसे ज्यादा वृद्धि, कीमतें 7,536 से बढ़कर 8,533 रुपये प्रति वर्ग फुट।
Ahmedabad: 8% बढ़कर 4,754 रुपये प्रति वर्ग फुट।
Hyderabad: 8% बढ़कर 7,644 रुपये प्रति वर्ग फुट।
Kolkata: 6% बढ़कर 5,945 रुपये प्रति वर्ग फुट।
Mumbai Metropolitan Region: 4% बढ़कर 13,164 रुपये प्रति वर्ग फुट।
Pune: 1% बढ़कर 7,192 रुपये प्रति वर्ग फुट।
Chennai: कीमतें लगभग 7,200 रुपये प्रति वर्ग फुट पर स्थिर रहीं।
क्यों बढ़ीं कीमतें?
विशेषज्ञों के मुताबिक, बेंगलुरु में दोहरे अंकों की वृद्धि का कारण आईटी और एआई सेक्टर में मजबूत रोजगार सृजन, वैश्विक निवेश और बढ़ता प्रवासी कार्यबल है। वहीं, अहमदाबाद को अब भी किफायती बाजार माना जा रहा है, जहां आर्थिक गतिविधियों और बुनियादी ढांचा विकास (जैसे धोलेरा क्षेत्र) से मांग मजबूत बनी हुई है।
कुल मिलाकर, रियल एस्टेट बाजार में अब तेज उछाल की बजाय स्थिर और संतुलित वृद्धि का दौर दिखाई दे रहा है। निवेशकों के लिए यह संकेत है कि बाजार में उतार-चढ़ाव कम हुआ है और लंबी अवधि के निवेश के लिए स्थितियां अधिक व्यवस्थित होती जा रही हैं।













