13 फरवरी 2026 फैक्ट रिकॉर्डर
Chandigarh Desk: चंडीगढ़ में गंदे और दूषित पीने के पानी की सप्लाई का गंभीर मुद्दा अब नगर निगम से निकलकर देश की संसद तक पहुंच गया है। कांग्रेस सांसद मनीष तिवारी ने इस विषय को संसद में उठाने की अनुमति मांगी है और इसे जनहित से जुड़ा बेहद अहम मामला बताया है।
मनीष तिवारी ने कहा कि चंडीगढ़ के मौली जागरां और आसपास के इलाकों में लंबे समय से दूषित पानी की सप्लाई हो रही है, जिसके कारण लोग बीमार पड़ रहे हैं। उन्होंने चिंता जताई कि इसका सबसे ज्यादा असर बच्चों और बुज़ुर्गों पर पड़ रहा है, यहां तक कि कई बच्चों को अस्पताल में भर्ती कराना पड़ा है।
‘यह स्थिति बेहद दुखद और दुर्भाग्यपूर्ण’
सांसद ने कहा कि चंडीगढ़ जैसे केंद्र शासित प्रदेश, जिसे ‘सिटी ब्यूटीफुल’ कहा जाता है, वहां इस तरह की स्थिति होना बेहद दुखद और दुर्भाग्यपूर्ण है। यह सीधे तौर पर संबंधित अधिकारियों की जवाबदेही पर सवाल खड़ा करता है।
सीवर और पानी की लाइन साथ-साथ होने का आरोप
संसद परिसर में मीडिया से बातचीत में मनीष तिवारी ने बताया कि मौली जागरां एक रिहैबिलिटेशन कॉलोनी है, जहां कथित तौर पर पानी की सप्लाई लाइन और सीवरेज लाइन साथ-साथ होने के कारण गंदा पानी पीने के लिए मजबूरी बन गया है।
केंद्र सरकार से तुरंत कार्रवाई की मांग
कांग्रेस सांसद ने केंद्र सरकार से मांग की कि इस मामले में तत्काल सुधारात्मक कदम उठाए जाएं। उन्होंने नियमित और स्वतंत्र पानी की जांच, जिम्मेदारी तय करने, जल आपूर्ति ढांचे को अपग्रेड करने और सभी नागरिकों को सुरक्षित व स्वच्छ पेयजल उपलब्ध कराने की अपील की।
गौरतलब है कि हाल ही में चंडीगढ़ नगर निगम की सदन बैठक में भी कांग्रेस पार्षदों ने दूषित पानी की सप्लाई के विरोध में जमकर हंगामा किया था और पोस्टर लहराकर प्रदर्शन किया था। दूषित पानी से होने वाली बीमारियों को लेकर शहर में लोगों की चिंता लगातार बढ़ती जा रही है।













